India vs England Test Series: भारतीय क्रिकेट टीम में सरफराज खान का शानदार डेब्यू हुआ. लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम में अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे सरफराज आखिकार इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट टेस्ट मैच में जगह पाने में कामयाब रहे और उन्होंने एक बढ़िया पारी खेलकर फैंस को रोमांचित भी किया लेकिन ये शानदार आगाज कुछ ही देर में दुखद अंत में बदल गया.
सरफराज एक ऐसी पारी खेलने के बाद रन आउट हो गए कि उनका पहला टेस्ट शतक अधूरा रह गया. उन्होंने अपनी 62 रन की धमाकेदार पारी से सबका दिल जीत लिया. इस पारी में महज 66 गेंदों का सामना किया गया था. जब लग रहा था कि ये खिलाड़ी शतक लगा देगा तो एक रन आउट ने सब बदल दिया.
ये सब तब हुआ जब 99 रनों पर खेल रहे जडेजा ने एक शॉट खेला और एक रन लेने के लिए दौड़ लगाई लेकिन वे तुरंत समझ गए कि ये आत्मघाती रन साबित हो सकता है. लेकिन तब तक सरफराज नॉन स्ट्राइकर एंड पर अपनी क्रीज छोड़ चुके थे. वे वापस आते इससे पहले ही मार्क वुड के सटीक थ्रो ने उनको चलता कर दिया था.
इस रन आउट को लेकर रवींद्र जडेजा दुखी थे, लेकिन सरफराज ने इसे खेल का हिस्सा माना. उन्होंने बताया कि ऐसी चीजे हो जाती हैं. कभी आपको रन मिलते हैं, कभी आप रन आउट हो जाते हैं. सरफराज ने आगे बताया कि उन्होंने लंच के समय जडेजा से बात की थी. उनको बैटिंग करते वक्त बात करना पसंद है. इसलिए उन्होंने जडेजा से बल्लेबाजी करते हुए बात करने की गुजारिश की थी. वो पहली बार टेस्ट खेल रहे थे इसलिए चाहते थे कि जडेजा उनका साथ दें.
सरफराज के मुताबिक जडेजा ने ऐसा किया भी. जडेजा बेहतरीन शतक के बाद नाबाद हैं और उन्होंने सरफराज के साथ एक अहम साझेदारी करके भारत को दिन के अंत में 5 विकेट के नुकसान पर 326 रनों का ठीक स्कोर दे दिया है.
असल में इस मुकाबले में भारत पहले घंटे में ही 33 रन पर 3 विकेट खो बैठा था. फिर जडेजा और रोहित शर्मा ने शानदार 204 रन की साझेदारी की. इस मैच के एक और शतकवीर रोहित के आउट होने के बाद इंग्लैंड को लगा कि अब वापसी हो सकती है, लेकिन सरफराज ने सबको चौंका दिया. उन्होंने जडेजा के साथ तेजी से 50 रन जोड़े थे. फिर एक दुर्भाग्यपूर्ण रन आउट ने उनकी पारी को रोक दिया.
सरफराज ने बताया कि वो ड्रेसिंग रूम में लगभग 4 घंटे पैड पहने बैठे थे. उन्होंने सोचा कि जीवन में इतना इंतजार किया है तो थोड़ा और भी ठीक है. वो पहले कुछ गेंदों पर घबराए थे, लेकिन बाद में सब ठीक हो गया. इससे पहले, सरफराज के पिता और पत्नी उनके डेब्यू पर बहुत खुश थे, और अनिल कुंबले द्वारा उन्हें टेस्ट कैप मिलना उनके लिए खास पल था. वो पहली गेंद खेलने, पहला रन बनाने और अर्धशतक लगाने को याद रखेंगे.