नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है. इस बार विवाद का केंद्र बाबरी मस्जिद बन गई है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान के बाद बंगाल की राजनीति में नया तूफान खड़ा हो गया है. इस विवाद में पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता और जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर खुलकर सामने आ गए हैं.
हुमायूं कबीर ने कहा कि वे पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक मस्जिद का निर्माण जरूर करेंगे और कोई उन्हें रोक नहीं सकता. उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि यह उत्तर प्रदेश या अयोध्या नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल है, जहां ममता बनर्जी की सरकार है.
#WATCH | Murshidabad, West Bengal: On UP CM Yogi Adityanath's statement, former TMC leader and Jan Unnayan Party chief Humayun Kabir says, "...Let Yogi Adityanath speak. It is Mamata Banerjee who is the CM of Bengal. Constitution of India provides me the right to build a mosque;… https://t.co/Uc31T5GglP pic.twitter.com/KdOB2mdcYr
— ANI (@ANI) February 10, 2026
हुमायूं कबीर ने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है. जिस तरह हिंदू मंदिर और ईसाई चर्च बनाते हैं, उसी तरह मुसलमानों को भी मस्जिद बनाने का पूरा अधिकार है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस निर्माण को लेकर वे किसी दबाव में नहीं आएंगे.
हुमायूं कबीर ने जानकारी दी कि 6 दिसंबर 2025 को बाबरी ढांचे के ध्वंस की बरसी पर मस्जिद की नींव रखी जा चुकी है. अब 11 फरवरी 2026 से निर्माण कार्य औपचारिक रूप से शुरू किया जाएगा. उन्होंने बताया कि इस दौरान सुबह करीब 10 बजे लगभग 1200 लोग कुरान का पाठ करते हुए निर्माण कार्य की शुरुआत करेंगे. उन्होंने कहा कि अगर रोकना है तो रोककर दिखाएं, लेकिन वे किसी से नहीं डरते. मस्जिद बनाकर रहेंगे. रोक सको तो रोक लो.
इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबरी मस्जिद को लेकर कड़ा बयान दिया था. बाराबंकी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि ‘कयामत’ का दिन कभी नहीं आने वाला है और इसलिए बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण भी कभी संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बन चुका है और इस पर किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए.
सीएम योगी ने अपने भाषण में विपक्षी दलों पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि बीते 500 वर्षों में कई शासक और सरकारें आई. देश 1947 में आजाद हुआ, लेकिन अयोध्या में भगवान राम के मंदिर निर्माण की बात किसी ने नहीं की. योगी ने विपक्ष पर अवसरवादी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि संकट के समय राम याद आते हैं और बाकी समय भुला दिए जाते हैं.