नई दिल्ली: मुंबई की सड़कों पर राजनीतिक रैलियों के कारण लगने वाला जाम आम जनता के लिए जी का जंजाल बन गया है. मंगलवार को वर्ली इलाके में सत्ताधारी भाजपा द्वारा आयोजित एक विरोध मार्च के चलते यातायात पूरी तरह ठप हो गया. इसी बीच एक महिला का सब्र टूट गया और उसने सुरक्षा घेरा तोड़कर सीधे मंत्री गिरीश महाजन से जवाब मांग लिया. अपने बच्चे को स्कूल से लाने जा रही इस महिला की नाराजगी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है.
महिला कई घंटों से जाम में फंसी थी. गुस्से में वह अपनी कार से बाहर निकली और सीधे मार्च के बीच पहुंच गई. उसने मंत्री गिरीश महाजन से सवाल किया कि वे सड़क क्यों ब्लॉक कर रहे हैं. महिला ने चिल्लाते हुए कहा, 'यहां से हटिए, आपकी वजह से लोग परेशान हैं.' उसने पास के खाली मैदान की ओर इशारा करते हुए पूछा कि यह रैली वहां क्यों नहीं की गई. मंत्री उसे शांत करने की कोशिश करते रहे.
मंत्री के साथ-साथ महिला ने मुंबई पुलिस के खिलाफ भी अपना आक्रोश जाहिर किया. जब पुलिस कर्मियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उसने किसी भी जूनियर अधिकारी से बात करने से इनकार कर दिया. महिला का कहना था कि उसे वरिष्ठ अधिकारियों से ही बात करनी है. काफी देर तक चले इस हंगामे के बाद पुलिस कर्मियों ने उसे सड़क के एक किनारे ले जाकर शांत कराया और उसकी चिंताओं को गंभीरता से सुनने का प्रयास किया.
महिलांच्या सशक्तीकरणाच्या नावाखाली राजकारण करणाऱ्या, आरक्षणाचा मुद्दा पुढे करून महिलांची दिशाभूल करणाऱ्या आणि त्यांना केवळ राजकीय साधन म्हणून वापरत खोटे नॅरेटिव्ह पसरवणा-या भाजपाचा खरा चेहरा या भगिणीने वरळीहून निघालेल्या मोर्चासमोर जाऊन उघडा पाडला आहे.
— Harshwardhan Sapkal (@INCHarshsapkal) April 21, 2026
महिला आरक्षणाच्या आडून… pic.twitter.com/XqsPfhZY9c
वीडियो वायरल होने के बाद गिरीश महाजन ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने दावा किया कि महिला ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उन पर पानी की बोतल भी फेंकी. हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि आम जनता को लगभग एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा. मंत्री ने कहा कि यह आंदोलन महिलाओं के अधिकारों के लिए था, लेकिन उन्होंने लोगों को हुई असुविधा के लिए माफी मांगी और स्पष्ट किया कि महिला पर कोई कार्रवाई नहीं होगी.
कांग्रेस पार्टी ने इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि महिला आरक्षण पर भाजपा का अभियान केवल एक ढोंग है. वहीं, पूर्व अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि जनता अब भाजपा के इस 'नाटक' से तंग आ चुकी है. उन्होंने दावा किया कि महिला की यह प्रतिक्रिया व्यापक जन आक्रोश का प्रतीक है और आने वाले समय में मतदाता विशेषकर महिलाएं इसका करारा जवाब देंगी.
सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से फैल रहा है और लोग महिला की हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं. कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि व्यस्त सड़क पर रैली की अनुमति कैसे दी गई. एक यूजर ने मांग की कि दोषी पुलिस अधिकारियों को नोटिस दिया जाए और ट्रैफिक जाम करने के लिए नेताओं पर एफआईआर दर्ज हो. कुछ लोगों ने इसे 'काव्यात्मक' बताया कि महिला अधिकारों की रैली में ही एक महिला को सड़क पर उतरना पड़ा.