नई दिल्लीः अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है. एक ओर जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध के विकल्प होने की बात कही है वहीं दूसरे ओर ईरान रिवोल्यूशरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने भी खुली चेतावनी दे डाली है. तेहरान की इस धमकी के बाद मिडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध भड़क उठने की आशंका बढ़ गई है.
ईरानी सरकारी टीवी पर बयान जारी करते हुए आईआरजीसी ने कहा है कि अमेरिका के पास बहुत सीमित विकल्प रह गए हैं.अब डोनाल्ड ट्रंप हमारे शांति प्रस्ताव पर समझौता करें या फिर एक मुश्किल युद्ध के लिए तैयार हो जाएं. आईआरजीसी की खुफिया इकाई ने कहा है कि अब डोनाल्ड ट्रंप के पास बहुत ही सीमित विकल्प बचे हैं. ईरान की ओर से पाकिस्तान के जरिए 14 पॉइंट्स वाला एक शांति प्रस्ताव अमेरिका को भेजा था, जिसे लेकर डोनाल्ड ट्रंप गंभीर नहीं दिख रहे, हालांकि उन्होंने इसकी समीक्षा की बात भी कही है.
सरकारी टीवी पर दिए गए बयान को एक्स पर भी पोस्ट किया गया है. अपनी पोस्ट में ईरानी अधिकारी ने होर्मुज को अमेरिका के 'डकैतों' की 'कब्रिस्तान' में बदलने की धमकी दी है. पूर्व IRGC कमांडर और तेहरान की एक्सपीडेंसी काउंसिल के सचिव मोहेसन रिजाई ने होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी कर रहे अमेरिकी बलों की तुलना 'डकैतों' से की और इस जल मार्ग को अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर्स और सैनिकों के 'कब्रिस्तान' में बदलने की धमकी दी.
The U.S. is the only pirate in the world that possesses aircraft carriers. Our ability to confront pirates is no less than our ability to sink warships.
— محسن رضایی (@ir_rezaee) May 3, 2026
Prepare to face a graveyard of your carriers and forces, just as the wreckage of your aircraft was left behind in Isfahan.
उन्होंने X पर एक बयान में कहा, “अमेरिका दुनिया का अकेला डकैत है, जिसके पास एयरक्राफ्ट कैरियर्स हैं. डकैतों का सामना करने की हमारी क्षमता युद्धपोतों को डूबाने की क्षमता से कम नहीं है.” उन्होंने आगे कहा- अपने कैरियर्स और बलों के कब्रिस्तान का सामना करने के लिए तैयार हो जाओ. उन्होंने पिछले महीने एक एफ-13 ई विमान गिराने का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे कि आपका विमान इस्फहान में गिरा दिया गया था.