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'मैं उनसे कहा था कि...', अमित शाह ने बताया कैसे नंदीग्राम पर अड़े सुवेंदु अधिकारी को भवानीपुर से भी चुनाव लड़ने के लिए मनाया

बंगाल चुनाव 2026 में सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हराया. चलिए जानते हैं अमित शाह ने उन्हें दो सीटों से चुनाव लड़ने के लिए कैसे मनाया था.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
'मैं उनसे कहा था कि...', अमित शाह ने बताया कैसे नंदीग्राम पर अड़े सुवेंदु अधिकारी को भवानीपुर से भी चुनाव लड़ने के लिए मनाया
Courtesy: Pinterest

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजे आ गए हैं. राज्य के इतिहास में पहली बार BJP को भारी बहुमत मिला है. BJP ने 206 सीटों पर रिकॉर्ड जीत दर्ज की जबकि TMC सिर्फ 81 सीटों पर सिमट गई. BJP उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने एक बार फिर TMC प्रमुख ममता बनर्जी को हरा दिया है हालांकि इस बार चुनावी मैदान भवानीपुर था. इस सीट को पहले ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता था. अधिकारी नंदीग्राम सीट से भी चुनाव जीतने में कामयाब रहे.

शुरुआत में अधिकारी सिर्फ एक सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें दो सीटों से चुनाव लड़ने की रणनीति सुझाई. 2 अप्रैल को भवानीपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा था, 'हमारे सुवेंदु-दा नंदीग्राम से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन मैंने उनसे कहा, 'सिर्फ नंदीग्राम तक ही मत रुको आपको ममता बनर्जी के गढ़ में जाकर उन्हें हराना होगा.'

सुवेंदु अधिकारी ने क्या बताया?

भवानीपुर में जीत के बाद, सुवेंदु ने बताया कि वोटों की गिनती की पूरी प्रक्रिया के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार उनके संपर्क में थे. इस सीट पर ममता और सुवेंदु के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली. शुरुआती राउंड में अधिकारी आगे चल रहे थे लेकिन कुछ राउंड की गिनती के बाद बनर्जी आगे निकल गईं. एक समय तो ममता बनर्जी 17,000 वोटों से आगे चल रही थीं लेकिन जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ी, यह अंतर कम होने लगा.

सुवेंदु ने ममता बनर्जी को कितने वोटों से हराया?

भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों के अंतर से हराया. वोटों की गिनती के 20वें राउंड के बाद अधिकारी को कुल 73,917 वोट मिले थे. वहीं CM ममता बनर्जी को 58,812 वोट मिले. 

यह दूसरी बार है जब उन्हें सुवेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा है. चुनाव नतीजों की घोषणा के साथ ही, यह विधानसभा क्षेत्र एक बार फिर राज्य की राजनीति का केंद्र बन गया है. 

ममता की हार इतनी अहम क्यों है?

सुवेंदु अधिकारी के हाथों ममता बनर्जी की हार इसलिए खास तौर पर अहम थी क्योंकि एक समय अधिकारी उनके सबसे करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे. चाहे वह नंदीग्राम आंदोलन हो या सिंगूर में हुए आंदोलन के दम पर ममता बनर्जी का राजनीतिक उभार समय बीतने के साथ, सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी से अलग होकर BJP का दामन थाम लिया.