कोटा: भारत के प्रमुख कोचिंग हब कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं के भारी दबाव के बीच एक बार फिर एक छात्र ने अपनी जान गंवा दी है. NEET परीक्षा से ठीक एक दिन पहले कोचिंग छात्र दीक्षित ने अपने हॉस्टल की छठी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. इस घटना का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें वह अपने आखिरी पलों में सामान्य रूप से घूमता हुआ दिखाई दे रहा है.
पुलिस के अनुसार छात्र पिछले एक साल से कुन्हाड़ी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले लैंडमार्क इलाके में स्थित मातेश्वरी हॉस्टल में रहकर परीक्षा की तैयारी कर रहा था. वह मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा का रहने वाला था और लगभग दो साल से कोटा में NEET की तैयारी में जुटा हुआ था.
जारी किए गए CCTV फुटेज में दीक्षित शनिवार सुबह लगभग 5:00 बजे हेडफोन लगाए हॉस्टल के गलियारे में चलता हुआ दिखाई दे रहा है. इस दौरान उसे पानी की बोतल भरते हुए भी देखा गया. इसके कुछ ही देर बाद वह छठी मंजिल पर पहुंचा और वहां से कूद गया.
छात्र के कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है. इसमें उसने लिखा था, 'मैं अपने परिवार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका. मैं उस तरह से पढ़ाई नहीं कर पाया जिससे NEET में मेरा चयन सुनिश्चित हो सके. मां, पिताजी मुझे माफ कर देना... दोस्तों, आपके सहयोग के लिए धन्यवाद.' इस नोट में अपराधबोध और उम्मीदों का भारी बोझ साफ तौर पर झलक रहा है.
मृतक के पिता भूपेंद्र प्रसाद ने बताया कि उनके बेटे से उनकी आखिरी बातचीत 1 मई को हुई थी, उस समय वह पूरी तरह से सामान्य लग रहा था. उन्होंने कहा, 'वह अपनी पढ़ाई में अच्छा कर रहा था और उसने कभी भी किसी तरह के तनाव का ज़िक्र नहीं किया. मैं उसे परीक्षा के लिए लेने जाने की योजना बना रहा था लेकिन इससे पहले कि मैं ऐसा कर पाता, यह दुखद घटना घट गई.' उन्होंने यह भी बताया कि दीक्षित उनके तीन बेटों में सबसे छोटा था. पुलिस ने जांच शुरू की.
कुन्हाड़ी के थानाधिकारी देवेश भारद्वाज ने बताया कि शुरुआती रिपोर्टों में गिरने की बात सामने आई थी, लेकिन CCTV फुटेज देखने के बाद यह पुष्टि हो गई कि यह घटना आत्महत्या थी. घटना से पहले छात्र के व्यवहार में कोई भी असामान्य बात नजर नहीं आई थी. फिलहाल सुसाइड नोट और मामले के अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है.