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India Daily

असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका, गौरव गोगोई हारे

असम की जोरहाट सीट से पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे तीन बार के सांसद और लोकसभा में कांग्रेस के डिप्टी लीडर व असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के चुनाव हारने से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। जोरहाट विधानसभा सीट उनके संसदीय क्षेत्र में ही आती है।

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका, गौरव गोगोई हारे
Courtesy: Social Media

असम विधानसभा चुनाव नतीजों के बीच बड़ी खबर सामने आई है. इस चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. जोरहाट सीट से चुनाव लड़ रहे तीन बार के सांसद, कांग्रेस के स्टार कैंपेनर और असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई को करारी हार का सामना करना पड़ा है. बता दें कि गौरव गोगोई लोकसभा में कांग्रेस के डिप्टी लीडर भी हैं और अक्सर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चाओं में रहते हैं. उन्हें बीजेपी के प्रत्याशी हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने करीब 20,000 वोटों के मार्जिन से शिकस्त दी है. असम कांग्रेस के ल‌िए यह बड़ा झटका माना जा रहा है.

पहली बार विधानसभा चुनाव लड़े थे गौरव गोगोई

असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था. मतलब साफ था कि उन्हें केंद्र से प्रदेश की राजनीति में स्थापित करने का प्रयास कांग्रेस कर रही थी लेकिन सिर मुंडाते ही ओले पड़ गए. बड़ी बात यह भी है कि जोरहाट विधानसभा क्षेत्र उनके संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है. गौरव गोगोई की लड़ाई जोरहाट से पांच बार के विधायक हितेंद्र नाथ गोस्वामी से थी. बीजेपी से पहले वे तीन बार असम गण परिषद से विधायक रह चुके हैं. भाजपा के टिकट वह लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने में कामयाब रहे.

9 अप्रैल को हुआ था असम में मतदान

असम में इस बार केवल एक चरण में 9 अप्रैल को हुआ था. जोरहाट विधानसभा क्षेत्र गौरव गोगोई के चुनाव मैदान में उतरने के बाद चर्चा में आ गया था. यह क्षेत्र अहोम समुदाय का गढ़ माना जाता है. गौरव गोगोई की जीत सीधे सीएम हिमंता बिस्वा शर्मा के नेतृत्व को चुनौती के साथ ही कांग्रेस में उनका कद तय करने में अहम भूमिका निभाने वाली थी लेकिन बीजेपी के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने उन्हें करारी शिकस्त देकर सारे अरमानों पर पानी फेर दिया. मीडिया से बात करते हुए गौरव गोगोई ने कहा है कि पूरी तरह नतीजे घोषित होने के बाद हम स्थिति का आकलन करेंगे और पार्टी के भीतर, असम की जनता के साथ और केंद्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा करके आगे की रणनीति तय करेंगे.