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आखिर कौन है जिम्मेदार? अस्पताल में मोबाइल की रोशनी में करवाई गई डिलीवरी, मां और नवजात की हुई मौत

झारखंड के राजनगर सीएचसी में प्रसव के दौरान मां और नवजात की मौत हो गई. परिजनों ने मोबाइल की रोशनी में डिलीवरी कराने का आरोप लगाया है. चलिए जानते हैं क्या लिया गया है एक्शन.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
आखिर कौन है जिम्मेदार? अस्पताल में मोबाइल की रोशनी में करवाई गई डिलीवरी, मां और नवजात की हुई मौत
Courtesy: Pinterest

सरायकेला-खरसावां: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में प्रसव के दौरान मां और नवजात की मौत का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ गए हैं. राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं.

जानकारी के मुताबिक महिला को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिजनों का आरोप है कि रात के समय प्रसव के दौरान अस्पताल की बिजली चली गई. इसके बाद डॉक्टरों और नर्सों ने मोबाइल फोन की रोशनी में डिलीवरी कराई. परिवार का आरोप है कि इसी लापरवाही के कारण महिला और उसके नवजात बेटे की मौत हो गई.

मृतका के पति ने क्या बताया?

मृतका के पति ने बताया कि उनकी पहले से दो बेटियां हैं और यह उनका तीसरा बच्चा था. उन्होंने कहा कि पहले दोनों बार सामान्य प्रसव हुआ था लेकिन इस बार अस्पताल की लापरवाही ने उनका परिवार उजाड़ दिया. उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

क्या लिया गया एक्शन?

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है. नितीश कुमार सिंह ने बताया कि जांच टीम का नेतृत्व सरायकेला के एसडीएम अभिनव प्रकाश करेंगे. टीम में सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह और वरिष्ठ स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. शिवलाल कुंकल भी शामिल हैं.

अस्पताल के प्रभारी ने क्या बताया?

वहीं अस्पताल के प्रभारी डॉ. श्याम सोरेन ने कहा कि प्रसव के दौरान तेज आंधी और बारिश की वजह से बिजली चली गई थी. उन्होंने बताया कि अस्पताल का सोलर सिस्टम खराब था और इन्वर्टर व डीजल जनरेटर भी सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे.

डॉ. सोरेन के मुताबिक ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर की रिपोर्ट में प्रसव सामान्य बताया गया है, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव यानी पोस्टपार्टम हेमरेज के कारण महिला और नवजात की मौत हुई.

इस घटना के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठाए हैं. अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच रिपोर्ट पर है, जिससे यह साफ होगा कि मौत की असली वजह क्या थी और किसकी लापरवाही थी.