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दिल्ली सरकार ने दी मेट्रो विस्तार को मंजूरी, 48,204 करोड़ की लागत से बनेंगे 7 नए कॉरिडोर

इस विस्तार का लक्ष्य राजधानी के बाहरी इलाकों और उभरते क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी मुहैया कराना है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
दिल्ली सरकार ने दी मेट्रो विस्तार को मंजूरी, 48,204 करोड़ की लागत से बनेंगे 7 नए कॉरिडोर
Courtesy: pinterest

 दिल्ली सरकार ने राज्य में मेट्रो रेल नेटवर्क के बड़े विस्तार को मंजूरी दे दी है. मेट्रो विस्तार के चरण V(B) के तहत 97 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की योजना है जिसके अंतर्गत सात नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे. सात नए कॉरिडोर के तहत कुल 65 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे. दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 48,204.56 करोड़ रुपए है. उन्होंने कहा कि इस विस्तार का लक्ष्य राजधानी के बाहरी इलाकों और उभरते क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी मुहैया कराना है. रिपोर्ट्स के अनुसार, सात में से चार कॉरिडोर को प्राथमिकता के तौर पर चयनित किया गया है जिनपर तेजी से काम किया जाएगा. सरकार ने इन प्राथमिक कॉरिडोर को साल 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है.

केंद्र सरकार को सौंपी गई डीपीआर

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट का डीपीआर पहले से ही तैयार किया जा चुका है और केंद्र सरकार को सौंप दिया गया है अब केवल कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है. अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली सीएम और डीएमआरसी के साथ इस हफ्ते की शुरुआत में हुई एक विस्तृत मीटिंग के बाद इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी.

विस्तार के तहत बनेंगे ये सात कॉरिडोर

  1. धनसा बस स्टैंड-नागलोई कॉरिडोर
  2. केंद्रीय सचिवालय-किशनगढ़ कॉरिडोर
  3. समयपुर बादली-नरेला कॉरिडोर
  4. कीर्ति नगर-पालम कॉरिडोर
  5. जोर बाघ-मीठापुर कॉरिडोर
  6. शास्त्री पार्क-मयूर विहार फेज-2 कॉरिडोर
  7. केशवपुरण-रोहिणी सेक्टर 34 कॉरिडोर

धनसा बस से नागलोई तक बनने वाला कॉरिडोर 11.86 किलोमीटर लंबा होगा जिसमें 9 स्टेशन होंगे और यह कॉरिडोर पूरी तरह एलिवेटेड होगा. वहीं सेंट्रल सेक्रेटेरिएट-किशनगढ़ कॉरिडोर 15.97 किमी लंबा होगा और उसमें 10 स्टेशन होंगे. इस कॉरिडोर का 90 प्रतिशत हिस्सा अंडरग्राउंड होगा.

समयपुर बादली-नरेला कॉरिडोर 12.89 किमी लंबा होगा और इसमें 8 स्टेशन होंगे. यह कॉरिडोर भी पूरी तरह एलिवेटेड होगा. कीर्ति नगर-पालम कॉरिडोर 9.96 किमी लंबा होगा और इसमें 6 स्टेशन होंगे. यह कॉरिडोर भूमिगत और जमीन के ऊपर दोनों तरीके से बनाया जाएगा.