पटना: बिहार की राजधानी पटना में एक हाई-प्रोफाइल अपहरण कांड ने सनसनी फैला दी, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने महज 24 घंटे में मामला सुलझा दिया. जानीपुर थाना क्षेत्र से अगवा किए गए डॉक्टर सर्वेश कुमार तिवारी को समस्तीपुर से सुरक्षित बरामद कर लिया गया. बदमाशों ने उनकी रिहाई के बदले 70 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक पहुंच बनाई.
10 फरवरी 2026 को डॉक्टर तिवारी आर्यभट्ट इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग एवं पारा मेडिकल कॉलेज से ड्यूटी खत्म कर राजीव नगर स्थित अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान घात लगाए बदमाशों ने उन्हें अगवा कर लिया. कुछ ही देर बाद परिजनों को फिरौती के लिए कॉल आया, जिससे परिवार और इलाके में दहशत फैल गई. पुलिस ने तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल खंगालना शुरू किया.
पटना सिटी एसपी (पश्चिमी) के निर्देश पर गठित एसआईटी ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए सुराग समस्तीपुर जिले के वारिसनगर थाना क्षेत्र के मकसूदपुर गांव तक पहुंचाया. पटना और समस्तीपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर डॉक्टर को सुरक्षित बरामद कर लिया. इस तेजी के चलते अपराधियों को फिरौती वसूलने का मौका तक नहीं मिल सका.
मौके से रविन्द्र प्रसाद सिंह, राकेश कुमार और मनीष कुमार को गिरफ्तार किया गया, जो समस्तीपुर के निवासी हैं. पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान भी हो चुकी है. पुलिस के मुताबिक इस साजिश में एक डॉक्टर की संदिग्ध भूमिका सामने आई है, जिससे पैसे का लेनदेन जुड़ा बताया जा रहा है. पूरे नेटवर्क को जल्द बेनकाब करने की तैयारी है.
पुलिस का कहना है कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. बरामद डॉक्टर से भी घटना के बारे में विस्तृत जानकारी ली जा रही है. अधिकारियों का दावा है कि ‘ऑपरेशन 24’ की सफलता से अपराधियों को कड़ा संदेश गया है कि कानून से बचना आसान नहीं है.