Pakistani Leader About Balochistan: पाकिस्तान और बलूचिस्तान के बीच जटिल रिश्ते के बारे में पूरी दुनिया जानती है. इसी बीच पाकिस्तानी राजनेता मौलाना फजल-उर-रहमान द्वारा दिए गए एक बयान के बाद से दोनों को लेकर चर्चा और भी ज्यादा तेज हो गई है. उन्होंने अपने एक बयान में दावा किया कि बलूची लोगों को गायब और अगवा किया जा रहा है.
मौलाना फजल-उर-रहमान ने खैबर पख्तूनख्वा में एक सभा को संबोधित करते हुए खुलेतौर पर कहा कि पिछले कुछ सालों से बलूच युवाओं और कार्यकर्ताओं को जबरदस्ती उठा लिया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार वालों द्वारा उनकी वापसी की मांग की जा रही है.
जेयूआई-पी नेता का कहना है कि पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा इन युवाओं को अगवा किया जा रहा है, जिनकी वापसी के लिए उनके घर वाले लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे की वजह से अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार समूहों द्वारा भी आलोचना की जा रही है. साथ ही कई जगहों पर इसकी वजह से हिंसा भी हो रही है. फजल-उर-रहमान के अलावा अमेरिकी मानवाधिकार वकील और शोधकर्ता रीड ब्रॉडी भी इस मुद्दे पर अपनी आवाज को उठाए हैं. उन्होंने बलूचिस्तान के लोगों के प्रति अपने पक्ष को रखते हुए उनका मजबूत समर्थन किया. साथ ही उन्होंने इस क्षेत्र में हो रहे व्यापक दुर्व्यवहारों को लेकर अंतर्राष्ट्रीय और स्वतंत्र जांच की मांग की है.
रीड ब्रॉडी ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 60वें रेगुलर सत्र के दौरान जिनेवा प्रेस क्लब में अपनी बात रखी. इस कार्यक्रम का आयोजन बलूच राष्ट्रीय आंदोलन द्वारा किया गया था. उन्होंने इस मंच पर जोर देकर कहा कि बलूचिस्तान के लोगों की समस्या को दुनिया में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि जबरदस्ती उठाए गए और गायब किए गए मामलों में स्वतंत्र जांच के लिए दबाव डालने की जरूरत है. इसके अलावा उन्होंने पाकिस्तान के अधिकारियों से बल पूर्वक गैरकानूनी तरीके से लोगों की समस्या को बढ़ाने से रोकना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने शांतिपूर्ण रूप से प्रदर्शन कर रहे लोगों के लिए जेल से रिहाई मांगी और प्रभावित इलाकों में सामान्य जीवन यानी इंटरनेट कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए कहा है.