नई दिल्ली: लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज यानी बुधवार को संसद में अपना भाषण दे रहे हैं. इस दौरान उन्होंने इंडिया गठबंधन की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ट्रेड डील पर बराबरी के तौर पर बातचीत करने के लिए कहा है. उन्होंने इस डील को एकतरफा एग्रीमेंट बताते हुए केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है.
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ट्रंप ने ट्रेड डील की शर्ते तय की, जिससे यह बातचीत की स्थिति और भी ज्यादा कमजोर हो चुकी है. विपक्ष के नेता ने कहा कि सरकार को ट्रंप से निपटते समय इनका पालन करना चाहिए था.
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के समझौते की बातचीत पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर ट्रंप इंडिया गठबंधन से बात कर रहे होते तो हम यही कहते की आपके डॉलर को बचाने की सबसे बड़ी संपत्ति भारत के पास है. हम कहते कि अगर आप इस डेटा का एक्सेस चाहते हैं, तो प्लीज़ समझ लें कि आप हमसे बराबरी पर बात करेंगे. आप हमसे ऐसे बात नहीं करेंगे जैसे हम आपके नौकर हों.
इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार पर भारत के एनर्जी सिक्योरिटी को ना बचाने का आरोप लगाया. राहुल गांधी ने ट्रंप के उस कमेंट की ओर इशारा किया जिसमें उन्होंने कहा था कि नई दिल्ली अब रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है. वहीं तीसरा मुद्दा किसान का उठाया गया. उन्होंने कहा कि हम कहेंगे, प्रेसिडेंट ट्रंप, हम समझते हैं कि आपके पास वोटर बेस है और आपको अपने किसानों को बचाना है. लेकिन हम भी अपने किसानों को बचाएंगे. हमें पाकिस्तान के बराबर नहीं बनाया जाएगा.
भारत और अमेरिका ने ट्रेड डील फाइनल कर लिया है. वहीं नए फैक्टशीट में कुछ बदलाव भी किए गए हैं. इस डील में भारत पर 50 प्रतिशत के टैरिफ को हटाकर अब 18 प्रतिशत कर दिया गया है. हालांकि ट्रंप ने इस डील को करते हुए यह कहा कि भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद कर चुका है. इसी बात पर विपक्ष के नेता ने विरोध जताया है. उन्होंने कहा कि अब, US तय करेगा कि हम किससे तेल खरीदते हैं, हमारे प्रधानमंत्री नहीं. हालांकि उनके भाषण से पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने PM मोदी पर दिए गए बयानों का कड़ा विरोध किया. रिजिजू ने कहा कि सबसे पहले, इस दुनिया में ऐसा कोई आदमी पैदा नहीं हुआ है जो भारत को छू सके या बेच सके.