अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व में तेज होते तनाव के बीच महत्वपूर्ण बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष अगले दो से तीन हफ्तों तक जारी रह सकता है.
प्रोजेक्ट फ्रीडम के तहत चल रही सैन्य कार्रवाइयों के बीच ट्रंप ने दोहराया कि किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा. उनके बयान से संकेत मिलता है कि क्षेत्र में शांति बहाल होने में अभी समय लग सकता है.
मीडिल ईस्ट के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में फिलहाल तनाव चरम पर है. सूत्रों के अनुसार, ईरान की ओर से कुछ जहाजों को निशाना बनाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे वैश्विक शिपिंग रूट्स पर गहरी चिंता फैल गई है. हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर इसका असर दिखने लगा है.
वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क हो गए हैं और मुद्रा बाजार भी अस्थिर नजर आ रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह स्थिति लंबी खिंची तो विश्व अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है. ट्रंप ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि सैन्य अभियानों के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है. उन्होंने दावा किया कि स्टॉक मार्केट रिकॉर्ड उच्च स्तर के करीब बना हुआ है और व्यवसायिक गतिविधियों में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई है.
ट्रंप ने कहा कि हम रिकॉर्ड स्तर पर व्यवसाय कर रहे हैं और हालात हमारे नियंत्रण में हैं. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे, भले ही इसके लिए कुछ समय के लिए अलग रणनीति अपनानी पड़े. ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ट्रंप का रुख पूरी तरह सख्त है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान को परमाणु हथियार मिल गए तो इसके गंभीर वैश्विक परिणाम होंगे. ट्रंप ने कहा किअगर हम अभी कदम नहीं उठाएंगे तो भविष्य में हालात और बिगड़ सकते हैं. उनके अनुसार, ईरान को परमाणु क्षमता हासिल करने से रोकना न केवल अमेरिका बल्कि पूरे विश्व की सुरक्षा के लिए आवश्यक है. पूर्व राष्ट्रपति ने इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी सतर्क रहने की अपील की है.