नई दिल्ली: पिछले साल पहलगाम में हुई दुखद आतंकवादी घटना के बाद भारत द्वारा पाकिस्तान पर की गई कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर अब फिर चर्चा में है. लेकिन ये चर्चा इसलिए अहम है क्योंकि इस बार पाकिस्तान में इसको लेकर ज्यादा बात हो रही है. दरअसल पाकिस्तानी नेता शाहिद सियालवी ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान यह दावा किया है कि पहली बार पाकिस्तानी सेना ने सीधे तौर पर हाफिज सईद और मसूद अजहर के लिए लड़ाई लड़ी.
उन्होंने इस बात की पुष्टी की कि भारत ने पिछले साल 10 मई को मुरीदके और बहावलपुर में हमले किए थे. ये दोनों ही जगहें लश्कर-ए-तैयबा औऱ जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ के तौर पर जानी जाती हैं. गौरतलब है कि भारत के इस हमले में कई आतंकी ढ़ेर हो गए थे.
पाक नेता ने कहा कि इन हमलों के बाद पाकिस्तान ने दुनिया की नजर में अपनी इमेज सुधारने के लिए अपना रवैया बदला और मारे गए लोगों को आतंकवादी मानने के बजाय उनका अंतिम संस्कार इस तरह से किया गया जैसे कि वो राष्ट्र के महान नायक हों. साथ ही उन्होंने ये माना है कि आतंकियों के अंतिम संस्कार में सेना के अधिकारियों ने सारी रश्में अदा करवाई. यही नहीं पाकिस्तानी सैनिकों ने वर्दी पहनकर आतंकियों के शवों को कंधा भी दिया. और ऐसा इसलिए किया गया ताकि आतंकियों को स्वतंत्रता सेनानी के तौर पर पेश किया जा सके.
भारत की तरफ से पहले ही यह स्पष्ट किया जा चुका है कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकियों के बुनियादी ढांचे को तबाह करने और पहलगाम में बेकसूर पर्यटकों पर हुए हमले के बाद एक कड़ा संदेश देने के मकसद से किए गए थे. भारत पहले भी यह दावा करता रहा है कि पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देता है और दहशत फैलाने में उनकी मदद करता है. इस बात को भारत ने कई अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी उठाया है. अब पाकिस्तान के भीतर से उसी के नेता का यह बयान दनिया का ध्यान खींच रहा है और भारत के दावे को और पुख्ता कर रहा है.