About Explosive SEBEX-2: डिफेंस के क्षेत्र में भारत लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है. भारत ही हालिया उपलब्धि से न केवल भारतीय सेना की मारक झमता में इजाफा होगा बल्कि इससे भारत के रक्षा निर्यात क्षेत्र को भी पंख लगने की उम्मीद है. भारत ने SEBEX-2 नामक एक विस्फोटक तैयार कर इसका सफल परीक्षण भी कर लिया है. SEBEX-2 नामक विस्फोटक गैर परमाणु (Non Nuclear) विस्फोटक है लेकिन यह मानक ट्राई नाईट्रो टाउलिन (TNT) से 2.01 गुना ज्यादा खातक है.
क्या है सबसे बड़ी खासियत
भारतीय नौसेना द्वारा प्रमाणित इस उच्च प्रदर्शन वाले विस्फोटक को दुनिया का सबसे शक्तिशाली गैर-परमाणु विस्फोटकों में से एक कहा जा रहा है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि यह बिना वजह बढ़ाए बम, तोप के गोले और वारहेड्स की विनाशकारी शक्ति में जबरदस्त वृद्धि करने में सक्षम है.
Economic Explosives Ltd, a subsidiary of Solar Industries, Nagpur, has developed three new explosive formulations
— ANI (@ANI) July 1, 2024
"The three new explosive formulations can prove to be a game changer for our armed forces due to the sheer enhancement of Firepower & Explosive Effect. SEBEX 2 is a… pic.twitter.com/yDdASP0ku5
दुनियाभर में बढ़ सकती है इस विस्फोटक की मांग
इस खासियत के कारण दुनियाभर में इसकी मांग बढ़ सकती है और अब तक जो भारत ज्यादातर युद्धक सामग्री का आयातक बना हुआ वह निर्यातक की भूमिका में आ सकता है. बता दें कि दुनियाभर के देश मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा घातक हथियार बनाने और इकट्ठा करने में जुटी हुई हैं. SEBEX-2 उनकी उम्मीदों पर बिल्कुल खरा उतरता है.
कैसे मापी जाती है विस्फोटक की विध्वंसक क्षमता
कोई विस्फोटक कितना घातक है इसका आकलन टीएनटी के आधार पर किया जाता है. TNT एक मानक है जो बताता है कि कोई विस्फोटक कितना घातक है. परीक्षण में यह मानक ट्रिनिट्रोटोलुइन से यह दोगुना घातक साबित हुआ है.
हथियारों और गोला-बारूद की दक्षता और क्षमता में वृद्धि होगी
इस विस्फोटक का भारतीय नौसेना निर्यात प्रोत्साहन योजना के तहत कठोर परीक्षण किया गया है और नौसेना ने इसके इस्तेमाल को मंजूरी भी दे दी है. अधिकारियों ने कहा कि विस्फोटक के विकास से हथियारों और गोला-बारूद की दक्षता और क्षमता में वृद्धि होगी.
मेक इन इंडिया पहले के तहत इकोनॉमिक एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड द्वारा विकसित SEBEX-2 उच्च पिघलने वाले विस्फोटक (HMX) पर आधारित एक संरचना का इस्तेमाल करता है.
EEL ने किया निर्माण
इकोनॉमिक एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड (EEL) के सूत्रों के मुताबिक, इस संरचना से युद्धक, हवाई बम, तोपखाने के गोले और अन्य युद्ध सामग्री की मारक क्षमता में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है जो अपने टार्गेट की तबाही के लिए विस्फोट और विखंडन प्रभावों का उपयोग करते हैं.
और विध्वंसक विस्फोटक बनाने बनाने में जुटी कंपनी
कंपनी के सूत्रों ने कहा कि वह SEBEX-2 का एक और संस्करण विकसित करने की प्रक्रिया में भी है जिसकी विस्फोटक क्षमता टीएनटी से 2.3 गुना अधिक हो और इस विस्फोटक के 6 महीने की भीतर तैयार होने की उम्मीद है.
भारत में अभी इस्तेमाल किया जा रहा सबसे शक्तिशाली पारंपरिक विस्फोटक ब्रह्मोस मिसाइल के वॉरहेड में इस्तेमाल हो रहा है जो लगभग 1.50 टीएनटी का है जबकि दुनियाभर में पारंपरिक वॉरहेड में इस्तेमाल किए जाने वाले अधिकांश विस्फोटकों की टीएमटी 1.25-1-30 तक है.