लखनऊ: सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव केस के दोषी पूर्व MLA कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत याचिका सोमवार को खारिज कर दी. इस फैसले से सर्वाइवर को राहत की सांस मिली है. खुद सर्वाइवर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अदालत के इस फैसले से खुश हैं.
उन्नाव रेप सवार्इवर उस समय अदालत में ही मौजूद थी जब जज अपना फैसला सुना रहे थे. उन्होंने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से खुश हूं. उन्होंने अपनी लंबी कानूनी लड़ाई को एक बार फिर याद करते हुए कहा कि वह अपने पिता पर हुए हमले को साबित करने के लिए पिछले 8 सालों से संघर्ष कर रही थी.
पीड़िता ने कहा कि मेरे पिता अब कभी वापस नहीं आएंगे. उन्होंने सेंगर के भाइयों पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके भाइयों, अतुल सिंह सेंगर और जयदीप सिंह सेंगर ने मेरे पिता को मार डाला. उन्होंने अपने साथ हुए उस घटना को याद करते हुए कहा कि उसने मेरे साथ रेप किया और मुझे यह साबित करने के लिए और क्या करना होगा?
उन्होंने इस लंबी कानूनी लड़ाई से हो रही परेशानियों को लेकर कहा कि अगर 2012 में दिल्ली गैंगरेप की शिकार निर्भया की तरह मैं भी मर जाती तो शायद मेरे साथ हुए बर्ताव को मान लिया जाता. लेकिन मैं जिंदा हूं, इसलिए साबित करने में सालों लग गए. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश की है कि सेंगर को भी मौत की सजा दी जाए, ताकि मेरे पिता की आत्मा को भी शांति मिल सके.
सुप्रीम कोर्ट की ओर से पीड़िता के पिता के कस्टोडियल डेथ केस में सेंगर की सजा सस्पेंड करने वाली अर्जी को खारिज करते हुए राहत देने से मना कर दिया. चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि हम इसे हाई कोर्ट से अपील पर सुनवाई करने और उस पर फैसला करने की गुज़ारिश करने के लिए सही केस मानते हैं, लेकिन तीन महीने से ज्यादा नहीं. सेंगर पर अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज है. वहीं सेंगर के वकील का कहना है कि वह लगभग 7 साल की सजा सुनवाई में देर होने के कारण काट चुके हैं, ऐसे में उन्हें लगातार परेशाना करना गलत बताया है. इस मामले पर ना केवल उन्नाव बल्कि पूरे देश की नजरें टिकी हैं.