गुना: मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी में हुई घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर अजय सिंह राठौर नशे की हालत में नजर आए.
80 साल के दम के मरीज लल्लू सिंह बजरंगगढ़ से अपने परिवार के साथ इलाज के लिए आए थे. डॉक्टर ने उन्हें भर्ती करने की सलाह दी, लेकिन बाद में मरीज के वार्ड का नाम तक याद नहीं रहा. परिवार वाले दवाइयां लाकर पूछते रहे, लेकिन डॉक्टर जवाब देने में असमर्थ रहे. इस घटना ने मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
रात की इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान लल्लू सिंह को अस्पताल लाया गया. डॉक्टर अजय सिंह राठौर ने जांच के बाद भर्ती करने को कहा. लेकिन जब परिवार वाले दवाइयां लेकर लौटे और पूछा कि मरीज किस वार्ड में है, तो डॉक्टर कुछ समझ नहीं पाए. वीडियो में वे बार-बार भटकते नजर आए और एक दूसरे व्यक्ति को मरीज बताने लगे.
80 वर्षीय लल्लू सिंह ने बाद में कहा, 'ईश्वर हमें ऐसे नशेड़ी डॉक्टर से बचाए.' उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर को पता ही नहीं था कि कौन सी दवा दे रहे हैं और कोई सही प्रिस्क्रिप्शन भी नहीं दिया. परिवार वालों ने बताया कि डॉक्टर की हालत ऐसी थी कि वे ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे. इस घटना से पूरे परिवार में डर और गुस्सा फैल गया.
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत कदम उठाया. डॉक्टर को तत्काल परिसर से बाहर भेज दिया गया. उन्हें सात दिन की प्रशासनिक छुट्टी दे दी गई और स्पष्टीकरण मांगा गया. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजकुमार रिशीश्वर ने माना कि डॉक्टर की हालत सामान्य नहीं थी और उन्हें घर जाने की सलाह दी गई. आगे की कार्रवाई स्पष्टीकरण के बाद तय होगी.
यहां देखें वीडियो
मा. @DrMohanYadav51 जी यह है गुना के जिला अस्पताल में पदस्थ ये डॉक्टर अजय सिंह राठौर हैं। जो रविवार रात इनकी इमरजेंसी में ड्यूटी थी। डॉक्टर इतने नशे में अस्पताल पहुंचे कि होश ही नहीं था। न तो मरीज पहचान पा रहे थे और न ही पर्चा पकड़ पा रहे थे। @digvijaya_28 @JVSinghINC pic.twitter.com/NKZnRPcQj9
— DCC GUNA INCMP (@DccGuna) February 9, 2026
डॉक्टर अजय सिंह राठौर ने आरोपों से इनकार किया. उन्होंने कहा कि वे मरीज की स्थिति और वार्ड से पूरी तरह वाकिफ थे. लेकिन जब उनसे मरीज की पहचान पूछी गई, तो उन्होंने गलत व्यक्ति की ओर इशारा कर दिया. अस्पताल ने कोई मेडिकल जांच नहीं की, लेकिन नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. यह मामला अब स्वास्थ्य विभाग की जांच के दायरे में है.