नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. वाशिंगटन ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी जहाजों के लिए नई सुरक्षा गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसमें ईरानी क्षेत्रीय समुद्र से जितना संभव हो दूर रहने को कहा गया है.
अमेरिकी मरीनटाइम एडमिनिस्ट्रेशन की यह सलाह सोमवार को आई, जिसमें जहाजों के कप्तानों से ईरानी बलों को बोर्डिंग की अनुमति न देने का भी निर्देश है. साथ ही अमेरिकी नागरिकों को ईरान से तुरंत निकलने की चेतावनी दी गई है. ट्रंप प्रशासन ने हजारों सैनिक और युद्धपोत भेजकर सैन्य दबाव बढ़ाया है, जिससे हमले की आशंका जताई जा रही है.
नई गाइडलाइंस में साफ कहा गया है कि अमेरिकी ध्वज वाले कमर्शियल जहाज ईरान के क्षेत्रीय समुद्र से दूर रहें. होर्मुज जलडमरूमध्य पार करते समय जहाज ओमान के क्षेत्रीय जल के करीब से गुजरें. अगर ईरानी सेना बोर्डिंग करने आए तो जबरन विरोध न करें, लेकिन सहमति भी न दें. यह सलाह नौवहन सुरक्षा को ध्यान में रखकर जारी की गई है.
अमेरिका के वर्चुअल दूतावास ने नई ट्रेवल एडवाइजरी जारी कर ईरान में रहने वाले अपने नागरिकों से कहा है कि वे तुरंत देश छोड़ने की योजना बनाएं. यह योजना अमेरिकी सरकार की मदद पर निर्भर न हो. चेतावनी में ईरान में अचानक स्थिति बिगड़ने का खतरा बताया गया है. यह कदम सैन्य टकराव की आशंका को और मजबूत करता है.
ट्रंप ने खुद कहा है कि उन्होंने ईरान की ओर अपना 'आर्मडा' भेज दिया है. इसमें एक विमानवाहक पोत, कई युद्धपोत और लड़ाकू जेट शामिल हैं. मध्य पूर्व में हजारों अतिरिक्त सैनिक तैनात किए गए हैं. एक तरफ ट्रंप परमाणु समझौते की बात कर रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ सैन्य तैयारी से लगता है कि हमला किसी भी वक्त हो सकता है.
वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत की कोई साफ संभावना नहीं दिख रही. अमेरिका की ये सारी कार्रवाइयां- जहाजों की सलाह, नागरिकों की चेतावनी और सैन्य विस्तार एक बड़े सैन्य अभियान की तैयारी जैसी लग रही हैं. ईरान ने अभी कोई सीधा जवाब नहीं दिया है, लेकिन क्षेत्र में तनाव हर घंटे बढ़ता जा रहा है.