नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार तेहरान पर हमले की धमकी दे चुके हैं. हालांकि दोनों देशों के बीच हालात संभलने शुरू हो रहे थे, तभी इजरायल ने अमेरिका को ईरान पर हमले की धमकी दी है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि अगर अगर तेहरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से जुड़ी रेड लाइन को पार करता है, तो वह ईरान के खिलाफ एकतरफा सैन्य हमला कर देगा.
नेतन्याहू ने इस समय वाशिंगटन दौरे की तैयारी कर रहे हैं, जिससे ईरान पर एक बार फिर से खतरा नजर आ रहा है. इजरायली अधिकारियों ने हाल के हफ्तों में बताया कि अगर जरूरी हुआ तो यरूशलेम ईरान की मिसाइल क्षमताओं और संबंधित उत्पादन बुनियादी ढांचे को अकेले भी खत्म कर सकता है.
रिपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक इजरायल ने अमेरिकी अधिकारियों से यह साफ कह दिया है कि अगर ईरान बैलिस्टिक मिसाइलों पर हमारे द्वारा तय की गई रेड लाइन को पार करता है, तो हम अकेले हमला करेंगे. हालांकि उन्होंने यह भी साफ कहा है कि ईरान अभी उस सीमा तक नहीं पहुंच पाया है. लेकिन ईरान के हर घटनाक्रम पर इजरायल की लगातार नजर है. अधिकारियों ने जोर दिया कि इजरायल कार्रवाई की स्वतंत्रता रखता है और ईरान को रणनीतिक हथियार प्रणालियों को उस स्तर पर बहाल करने की अनुमति नहीं देगा जो इजरायल के अस्तित्व को खतरे में डाल सके.
इजरायली पीएम के ऑफिस की ओर से कहा गया कि नेतन्याहू बुधवार को वाशिंगटन में ट्रम्प से मुलाकात कर ईरान के साथ अमेरिकी वार्ता पर चर्चा करेंगे. नेतन्याहू के कार्यालय ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि प्रधानमंत्री का मानना है कि सभी वार्ताओं में बैलिस्टिक मिसाइलों को सीमित करना और ईरानी धुरी के लिए समर्थन समाप्त करना शामिल होना चाहिए. इजरायल रक्षा बलों के भीतर, ब्रिगेडियर जनरल ओमर टिशलर, जो आने वाले वायु सेना कमांडर हैं, के नेतन्याहू के साथ यात्रा पर जाने की उम्मीद है. वहीं ईरान और अमेरिका के बीच शुक्रवार को ओमान में अप्रत्यक्ष बातचीत हुई. जिसमें तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर चर्चा हुई, हालांकि यह मुलाकात सफल नहीं रहा है. अमेरिका इस समय अरब सागर में एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन और अन्य युद्धपोतों खड़ा कर रखा है.