प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अमरोहा जिले के राहरा थाने में दर्ज दुष्कर्म और जबरन शादी के मामले में आरोपी सगे फूफा को सशर्त जमानत दे दी है. न्यायालय ने अपने आदेश में कई तथ्यों पर विचार किया, जिनमें पीड़िता का आरोपी के साथ लगभग डेढ़ महीने तक रहना, एफआईआर दर्ज कराने में हुई देरी और आरोपी का आपराधिक इतिहास न होना शामिल है. इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है.
जानकारी के अनुसार यह मामला अमरोहा के थाना राहरा में दर्ज हुआ था. आरोप है कि चार बच्चों के पिता और विवाहित आरोपी ने अपनी 21 वर्षीय सगी भांजी के साथ दुष्कर्म किया और जबरन विवाह कर लिया. आरोपी 26 सितंबर 2025 से जेल में बंद है. इससे पहले पीड़िता के पिता ने बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट नौ दिन बाद दर्ज कराई थी.
न्यायमूर्ति समीर जैन ने सुनवाई के दौरान कहा कि पीड़िता बालिग है और वह आरोपी के साथ करीब डेढ़ महीने तक रही. अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि पीड़िता के भागकर आने के 15 दिन बाद एफआईआर दर्ज कराई गई और देरी का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया. इन परिस्थितियों को अदालत ने महत्वपूर्ण माना.
आरोपी के अधिवक्ता मयंक कृष्ण चंदेल ने तर्क दिया कि दोनों के बीच संबंध सहमति से थे और प्रेम संबंध के चलते विवाह किया गया. उनका कहना था कि बाद में मनगढ़ंत कहानी बनाकर मुकदमा दर्ज कराया गया. वहीं सरकारी वकील ने आरोपों को गंभीर बताते हुए जमानत का विरोध किया.
अदालत ने आरोपी के आपराधिक इतिहास न होने और पीड़िता के बयान में आई परिस्थितियों को देखते हुए सशर्त जमानत मंजूर कर ली. हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी को तय शर्तों का पालन करना होगा. इस आदेश के बाद मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी.