कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में लेम्बोर्गिनी सड़क हादसे से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. तंबाकू कारोबारी के आरोपी बेटे शिवम मिश्रा को गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद ही जमानत मिल गई है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कानपुर पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा की 14 दिन की रिमांड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने जमानत दे दी. आरोपी को 20 हजार के मुचलके पर जमानत दी गई है. घटना के करीब 4 दिन बाद कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था.
पुलिस पर शुरुआत में लापरवाही बरतने का आरोप लगा, लेकिन बाद में आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया. हादसे के बाद बाउंसरों द्वारा नंबर प्लेट छिपाने और लोगों को भगाने का वीडियो वायरल होने से मामला और गरमा गया है. पुलिस अब गहन पूछताछ में जुटी है.
रविवार शाम को तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी अचानक बेकाबू हो गई. पहले उसने एक ई-रिक्शा को टक्कर मारी, फिर बाइक सवार और एक पैदल राहगीर को चपेट में लिया. कार अंत में सड़क किनारे बिजली के खंभे से जा टकराई. हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. पुलिस का कहना है कि कार की रफ्तार बहुत ज्यादा थी, जिससे नियंत्रण खो गया.
पुलिस ने एफआईआर में शिवम मिश्रा को ही ड्राइवर बताया है. वायरल वीडियो में भी ड्राइविंग सीट पर शिवम दिख रहे हैं. लेकिन परिवार और बचाव पक्ष का दावा है कि कार मोहन लाल नाम के ड्राइवर ने चलाई थी. मोहन लाल ने मीडिया से कहा कि हादसे के समय शिवम की तबीयत बिगड़ी और वह उन पर गिर पड़े, जिससे बैलेंस बिगड़ा. इस मुद्दे पर जांच जारी है.
हादसे के तुरंत बाद वायरल हुए वीडियो में शिवम की कार के पीछे चल रही दूसरी कार से उतरे बाउंसर दिखे. वे नंबर प्लेट हटाने या छिपाने की कोशिश करते नजर आए. हाथ में वॉकी-टॉकी लिए बाउंसर लोगों को दूर हटने के लिए चिल्लाते भी सुने गए. पुलिस का कहना है कि ये गतिविधियां पहचान छिपाने की कोशिश थीं, जिसकी जांच की जा रही है.
हादसे के बाद ग्वालटोली थाने के प्रभारी को लाइन अटैच किया गया था. अब पुलिस ने पांच टीमों के साथ शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है. गिरफ्तारी के बाद हादसे की वजह, कार की स्पीड, घटनास्थल की स्थिति और बाउंसरों की भूमिका पर गहन पूछताछ होगी. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी.