कानपुर का चर्चित लैंबॉर्गिनी हादसा अब नई मोड़ ले चुका है. रविवार को ग्वालटोली की वीआईपी रोड पर 12 करोड़ रुपये की सुपरकार ने भीषण दुर्घटना की, जिसमें ई-रिक्शा, बाइक सवार और राहगीर घायल हुए. कार बंशीधर टोबैको ग्रुप से जुड़े कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा की बताई जा रही है.
पुलिस ने शुरुआत में लापरवाही बरती, लेकिन अब पांच टीमों की मदद से शिवम को गिरफ्तार कर लिया है. हादसे के बाद बाउंसरों द्वारा नंबर प्लेट छिपाने और लोगों को भगाने का वीडियो वायरल होने से मामला और गरमा गया है. पुलिस अब गहन पूछताछ में जुटी है.
रविवार शाम को तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी अचानक बेकाबू हो गई. पहले उसने एक ई-रिक्शा को टक्कर मारी, फिर बाइक सवार और एक पैदल राहगीर को चपेट में लिया. कार अंत में सड़क किनारे बिजली के खंभे से जा टकराई. हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. पुलिस का कहना है कि कार की रफ्तार बहुत ज्यादा थी, जिससे नियंत्रण खो गया.
पुलिस ने एफआईआर में शिवम मिश्रा को ही ड्राइवर बताया है. वायरल वीडियो में भी ड्राइविंग सीट पर शिवम दिख रहे हैं. लेकिन परिवार और बचाव पक्ष का दावा है कि कार मोहन लाल नाम के ड्राइवर ने चलाई थी. मोहन लाल ने मीडिया से कहा कि हादसे के समय शिवम की तबीयत बिगड़ी और वह उन पर गिर पड़े, जिससे बैलेंस बिगड़ा. इस मुद्दे पर जांच जारी है.
कानपुर, उत्तर प्रदेश: लेम्बोर्गिनी कार एक्सीडेंट केस | शिवम मिश्रा के वकील नरेंद्र कुमार यादव ने कहा, "पुलिस ने उसे (शिवम मिश्रा) गलत तरीके से गिरफ्तार किया है। वह कार नहीं चला रहे थे।" pic.twitter.com/UPAr4OXWK4
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 12, 2026
हादसे के तुरंत बाद वायरल हुए वीडियो में शिवम की कार के पीछे चल रही दूसरी कार से उतरे बाउंसर दिखे. वे नंबर प्लेट हटाने या छिपाने की कोशिश करते नजर आए. हाथ में वॉकी-टॉकी लिए बाउंसर लोगों को दूर हटने के लिए चिल्लाते भी सुने गए. पुलिस का कहना है कि ये गतिविधियां पहचान छिपाने की कोशिश थीं, जिसकी जांच की जा रही है.
हादसे के बाद ग्वालटोली थाने के प्रभारी को लाइन अटैच किया गया था. अब पुलिस ने पांच टीमों के साथ शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है. गिरफ्तारी के बाद हादसे की वजह, कार की स्पीड, घटनास्थल की स्थिति और बाउंसरों की भूमिका पर गहन पूछताछ होगी. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी.