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India Daily

'हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें...', तमिलनाडु में कांग्रेस के फैसले पर अखिलेश यादव ने कसा तंज

कांग्रेस द्वारा DMK का साथ छोड़कर TVK को समर्थन देने के बाद अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पोस्ट ने INDIA गठबंधन में तनाव की अटकलों को बढ़ा दिया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
'हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें...', तमिलनाडु में कांग्रेस के फैसले पर अखिलेश यादव ने कसा तंज
Courtesy: @yadavakhilesh x account

नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कांग्रेस पर परोक्ष रूप से निशाना साधा. यह तब हुआ जब तमिलनाडु में कांग्रेस के नाटकीय राजनीतिक बदलाव ने INDIA गठबंधन की स्थिरता पर नए सवाल खड़े कर दिए.

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी के साथ अपनी हालिया मुलाकात की एक तस्वीर और DMK के एम.के. स्टालिन के साथ एक और तस्वीर साझा करते हुए, अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, 'हम वो लोग नहीं हैं जो मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ छोड़ देते हैं.'

पार्टी का नाम लिए बिना क्या की टिप्पणी?

उन्होंने किसी पार्टी का नाम नहीं लिया लेकिन इस टिप्पणी के समय ने राजनीतिक गलियारों में तुरंत ध्यान खींचा, खासकर तब जब कांग्रेस ने तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के साथ अपने लंबे समय से चले आ रहे गठबंधन को तोड़ दिया और अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी TVK को समर्थन दे दिया.

कब किया ये पोस्ट?

अखिलेश यादव का यह पोस्ट तृणमूल कांग्रेस को पश्चिम बंगाल में मिली हार के बाद कोलकाता में ममता बनर्जी और TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से मुलाकात के ठीक एक दिन बाद आया. इस मुलाकात को हालिया विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद रणनीति पर फिर से विचार करने के विपक्षी दलों के व्यापक प्रयासों का हिस्सा माना गया.

कांग्रेस के किस फैसले से विपक्षी समीकरण हिल गए?

कांग्रेस ने बुधवार को एक चौंकाने वाले कदम के तहत विजय की पार्टी को समर्थन देने की घोषणा की. इस कदम ने प्रभावी रूप से DMK के साथ उसके गठबंधन को समाप्त कर दिया, एक ऐसा सहयोगी जिसके साथ वह तमिलनाडु की राजनीति में वर्षों से बनी हुई थी.

तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी ने कहा कि वह TVK के नेतृत्व वाली सरकार के गठन का समर्थन करेगी और शासन की जिम्मेदारी साझा करेगी. इस कदम से बौखलाई DMK ने कांग्रेस पर एक महत्वपूर्ण मोड़ पर गठबंधन को पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया है.

किसको मिली कितनी सीटें?

23 अप्रैल के विधानसभा चुनावों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, जिसमें TVK 234 सदस्यीय सदन में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी. कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन से अब TVK के नेतृत्व वाले गठबंधन की सीटों की संख्या 112 हो गई है, जो बहुमत के आंकड़े 118 से अभी भी छह कम है.