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India Daily

बेंगलुरु के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में बड़ा हादसा, दो मजदूरों की मौत; राहत कार्य में जुटी NDRF

बेंगलुरु के वर्तूर क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में हुए दर्दनाक हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. 40 फीट गहरे टैंक में गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक को बचा लिया गया.

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Edited By: Shanu Sharma
बेंगलुरु के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में बड़ा हादसा, दो मजदूरों की मौत; राहत कार्य में जुटी NDRF
Courtesy: AI

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक दर्दनाक औद्योगिक हादसा सामने आया है. पूर्वी बेंगलुरु के वर्तूर इलाके के बेलागेरे क्षेत्र में स्थित बेंगलुरु वॉटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में तीन मजदूरों के गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. घायल मजदूर का नजदीकी अस्पताल में इलाज जारी है.

जानकारी के अनुसार यह घटना 18 जून की शाम करीब छह बजे हुई. तीनों मजदूर किसी कार्य के दौरान लगभग 40 फीट गहरे सीवेज ट्रीटमेंट टैंक में गिर गए. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया.

हरीली गैसों का तेज बहाव

हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान बृजेश और अखिलेश के रूप में हुई है. तीसरे मजदूर को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया. उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है. हालांकि हादसे के कई घंटे बाद भी मृतकों के शवों को बाहर निकालने में सफलता नहीं मिल सकी. इससे परिजनों और स्थानीय लोगों में चिंता और आक्रोश का माहौल है.

सूत्रों के अनुसार टैंक के भीतर मौजूद जहरीली गैसों और पानी के तेज बहाव के कारण बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है. राहत दलों को अंदर उतरने में गंभीर जोखिम का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते शवों की तलाश में देरी हो रही है. अधिकारियों का कहना है कि टैंक के भीतर ऑक्सीजन स्तर को सुरक्षित बनाने और जहरीली गैसों को बाहर निकालने की प्रक्रिया लगातार जारी है. स्थिति सामान्य होने के बाद ही राहतकर्मी पूरी तरह अंदर जाकर तलाश अभियान को आगे बढ़ा पाएंगे.

NDRF को संभालनी पड़ी कमान

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल को मौके पर तैनात किया गया है. NDRF की टीम विशेष उपकरणों और सुरक्षा साधनों की मदद से टैंक के भीतर मौजूद जहरीले वातावरण को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है. अधिकारियों के मुताबिक गैसों का स्तर कम होने और ऑक्सीजन की मात्रा सुरक्षित होने के बाद जवान टैंक में उतरकर शवों की खोज का अभियान तेज करेंगे.

BWSSB की चेयरपर्सन एन. मंजुला ने घटनास्थल का दौरा कर अधिकारियों से पूरी जानकारी ली. उन्होंने राहत कार्य में तेजी लाने और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए. मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. समिति में चीफ इंजीनियर के.एन. राजीव, एडिशनल चीफ इंजीनियर के.एस. रेणुकुमार और डिप्टी चीफ इंजीनियर विनूथा डी.एस. को शामिल किया गया है. समिति को 20 जून दोपहर तक अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.