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अब नहीं फंसेंगे शहीद पथ के जाम में, लखनऊ में बनने जा रही है यूपी की पहली डबल डेकर एलिवेटेड रोड

लखनऊ में बढ़ते ट्रैफिक को कम करने के लिए 22 से 23 किलोमीटर लंबी नई एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. यह सड़क अमौसी एयरपोर्ट से कमता चौराहे तक सिग्नल फ्री यात्रा का रास्ता तैयार करेगी और शहर के कई प्रमुख इलाकों को सीधे जोड़ेगी.

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Edited By: Babli Rautela
अब नहीं फंसेंगे शहीद पथ के जाम में, लखनऊ में बनने जा रही है यूपी की पहली डबल डेकर एलिवेटेड रोड
Courtesy: AI

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट आकार लेने जा रहा है. शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल शहीद पथ पर दूसरी फोरलेन एलिवेटेड रोड बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है. यह परियोजना पूरी होने के बाद अमौसी एयरपोर्ट से कमता चौराहे तक का सफर पूरी तरह सिग्नल फ्री हो सकता है. प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की लंबाई करीब 22 से 23 किलोमीटर होगी. यह सड़क कानपुर रोड स्थित अमौसी एयरपोर्ट को सीधे अयोध्या रोड के कमता चौराहे से जोड़ेगी. 

इससे यात्रियों को बीच रास्ते में ट्रैफिक सिग्नल और जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा. इस परियोजना से एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के साथ साथ इकाना स्टेडियम, लुलु मॉल और सुलतानपुर रोड की ओर जाने वाले लोगों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

यूपी का पहला डबल डेकर एलिवेटेड रोड

यह परियोजना पूरी होने के बाद लखनऊ उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा शहर बन जाएगा जहां डबल डेकर एलिवेटेड रोड की सुविधा होगी. बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने परियोजना की व्यवहारिकता पर काम शुरू कर दिया है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की ओर से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को इस परियोजना के लिए प्रस्ताव भेजा गया है. अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी.

क्यों जरूरी है यह एलिवेटेड रोड

लखनऊ में हर साल वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. विशेषज्ञों के अनुसार शहर में वाहन वृद्धि दर 8 से 10 प्रतिशत सालाना है. अमौसी एयरपोर्ट से कमता तक के कॉरिडोर पर प्रतिदिन दो लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं. इसके अलावा इकाना स्टेडियम में बड़े मैचों और सप्ताहांत के दौरान सुलतानपुर रोड तथा शहीद पथ पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है. नई एलिवेटेड रोड इस दबाव को काफी हद तक कम कर सकती है.

परियोजना की एक और खासियत यह है कि इसे आउटर रिंग रोड और किसान पथ से भी जोड़ा जाएगा. इससे शहर के बाहरी इलाकों से आने वाले वाहनों को सीधे कनेक्टिविटी मिलेगी और शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में लखनऊ की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदल सकता है.

गोमती नदी में बनेगा फ्लोटिंग रेस्टोरेंट

इसी बीच लखनऊवासियों के लिए एक और बड़ी खबर सामने आई है. जल्द ही गोमती नदी में 100 सीटों वाला फ्लोटिंग रेस्टोरेंट शुरू किया जाएगा. इस परियोजना पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. पहले चरण के लिए 2.81 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं. अब लखनऊ विकास प्राधिकरण टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य आगे बढ़ाएगा. इसके शुरू होने के बाद लोगों को नदी के बीच भोजन और मनोरंजन का नया अनुभव मिलेगा.

लखनऊ में शुरू हो रही ये दोनों परियोजनाएं शहर के विकास और आधुनिक सुविधाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं. आने वाले समय में इनका सीधा लाभ लाखों लोगों को मिलने की उम्मीद है.