नई दिल्ली: सर्दियों में दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों में धुंध और स्मॉग देखकर लोग AQI चेक करते हैं, लेकिन गर्मियों में आसमान साफ दिखने पर सब सोचते हैं कि हवा ठीक है. हालांकि, यह एक बड़ी गलती होती है. गर्मी और हीटवेव के समय भी हवा में पॉल्यूशन बहुत ज्यादा रहता है, खासकर घर के अंदर. दिल्ली जैसे शहरों में बारिश और तेज गर्मी के दिनों में भी AQI 200 से ऊपर चला जाता है, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है.
इसका मतलब साफ है कि हवा की खराब क्वालिटी सिर्फ सर्दियों की समस्या नहीं रही, गर्मी में भी इसका खतरा बना रहता है. अब गर्मी घर के अंदर पॉल्यूशन कैसे बढ़ाती है, ये हम आपको यहां समझा रहे हैं, साथ ही इससे बचाव का तरीका भी बताएंगे.
जब तेज गर्मी पड़ती है तो बाहर की हवा में केमिकल रिएक्शन तेज हो जाते हैं. इससे ग्राउंड लेवल ओजोन और PM2.5 जैसे महीन कण बढ़ जाते हैं. लोग गर्मी से बचने के लिए खिड़कियां, दरवाजे बंद रखते हैं. इससे घर के अंदर हवा का आवागमन रुक जाता है और प्रदूषक अंदर ही घूमते रहते हैं. ग्लोबल स्टडी के अनुसार, कई देशों में घर के अंदर PM2.5 का स्तर WHO के मानक से 6 महीने तक ज्यादा रहा, खासकर हीटवेव के दौरान.
डायसन के लीड डिजाइन इंजीनियर निनाद शिटूट कहते हैं, “हीटवेव में घर लंबे समय तक बंद रहते हैं. बाहर का पॉल्यूशन और घर के अंदर से निकलने वाले गैस और कण हवा में घूमते रहते हैं. ऐसी स्थिति में साफ हवा बनाए रखना बहुत जरूरी है.”
घर के अंदर हवा गंदी होने पर हमेशा धुंध नजर नहीं आती. लेकिन छोटे बच्चे, बुजुर्ग और सांस की बीमारी वाले लोग इससे ज्यादा प्रभावित होते हैं. लंबे समय तक खराब हवा में रहने से सिरदर्द, थकान, आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है.
एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें: गर्मी में प्यूरीफायर 99.97% तक महीन कण और गैसों को हवा से रिमूव कर सकते हैं. खासकर बेडरूम में इसका इस्तेमाल जरूर करें.
दिन में खिड़कियां बंद रखें: दोपहर की तेज गर्मी में खिड़कियां, पर्दे और शटर बंद रखें जिससे बाहर का पॉल्यूशन अंदर न आए.
ठंडे समय में वेंटिलेशन करें: शाम या सुबह जब बाहर की हवा बेहतर हो तो थोड़ी देर खिड़कियां खोलें.
AC फिल्टर साफ रखें: गंदा AC फिल्टर खुद धूल और एलर्जन फैलाता है. इसे नियमित साफ करें.
नमी का ध्यान रखें: AC से हवा सूख जाती है, इसलिए सही तरीके से ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें लेकिन साफ-सफाई जरूर रखें.