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गंगा एक्सप्रेसवे पर अब 24 घंटे नजर! मेरठ से प्रयागराज तक सफर होगा पूरी तरह सुरक्षित, UPEIDA ने तैनात किए 24 अधिकारी

क्या अब गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर करते समय मन में डर की जगह भरोसा आएगा? मेरठ से प्रयागराज तक के इस 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर यूपीडा ने सुरक्षा को नई मजबूती दी है.

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Edited By: Reepu Kumari
गंगा एक्सप्रेसवे पर अब 24 घंटे नजर! मेरठ से प्रयागराज तक सफर होगा पूरी तरह सुरक्षित, UPEIDA ने तैनात किए 24 अधिकारी
Courtesy: Grok

मेरठ से प्रयागराज तक के इस 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर यूपीडा ने सुरक्षा को नई मजबूती दी है. 24 अधिकारियों की तैनाती के बाद अब पेट्रोलिंग और यातायात प्रबंधन और तेज होगा. हजारों वाहन चालक जो रोज इस मार्ग से गुजरते हैं, उनके लिए ये खबर राहत भरी है.  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 29 अप्रैल को लोकार्पित गंगा एक्सप्रेसवे पर शुरुआती समीक्षा में कुछ कमियां सामने आई थीं. हादसे के बाद पेट्रोलिंग टीम समय पर नहीं पहुंच पाती थी. इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने बड़ा कदम उठाया है. अब 12 ग्रुप पैकेज में 24 सुरक्षा अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं. 

24 अधिकारियों की तैनाती

यूपीडा ने गंगा एक्सप्रेसवे को 12 पैकेज में बांटकर चार मुख्य सुरक्षा अधिकारी, चार सुरक्षा अधिकारी और 16 सहायक सुरक्षा अधिकारियों को संविदा पर नियुक्त किया है. इन अधिकारियों का मुख्य काम पेट्रोलिंग टीमों का पर्यवेक्षण करना, स्थानीय पुलिस से बेहतर समन्वय बनाना और किसी भी हादसे या यातायात समस्या पर तुरंत कार्रवाई करना है. 

सुरक्षा अधिकारियों के नाम

मुख्य सुरक्षा अधिकारियों में संजीव कटियार, अवधेश कुमार विजेता, अखिलेश नारायण सिंह और सुखराम भारती शामिल हैं. सुरक्षा अधिकारियों में महामाया प्रसाद सिंह, रमाकांत प्रसाद, सूर्यभान सिंह और शशि प्रकाश सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है. सभी अधिकारियों को तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं.

एक्सप्रेसवे पर पहले से मौजूद सुविधाएं

इस पूरे 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर प्रति किलोमीटर उच्च क्षमता वाले AI कैमरे और स्पीड नियंत्रण वाले विशेष कैमरे पहले से लगे हुए हैं. मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक जाने वाले इस मार्ग पर अब सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हो गई है. 

यात्रियों के लिए राहत

नई तैनाती से यात्रियों को उम्मीद है कि छोटी बड़ी घटनाओं पर अब तेज प्रतिक्रिया मिलेगी. अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी हरि प्रताप शाही के आदेश के अनुसार यह व्यवस्था सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को और बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.