नई दिल्ली: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन भारतीय टीम साउथ अफ्रीका की पहली पारी के 489 रनों के जवाब में मात्र 201 रन पर ऑल आउट हो गई. दिन की शुरुआत भारतीय टीम ने बिना किसी नुकसान के 9 रन से की थी, लेकिन अच्छी शुरुआत के बाद मेजबान टीम नियमित अंतराल पर विकेट खोती गई और दबाव में आ गई.
दूसरे सेशन तक भारत का स्कोर 7 विकेट पर 122 रन हो गया था. ऐसे कठिन चरण में वॉशिंगटन सुंदर और कुलदीप यादव ने आठवें विकेट के लिए 72 रनों की उपयोगी साझेदारी कर टीम को कुछ राहत दिलाई. सुंदर ने 92 गेंदों में 48 रन की जुझारू पारी खेली, जबकि कुलदीप यादव ने 134 गेंदों में 19 रन बनाकर महत्वपूर्ण योगदान दिया.
79वें ओवर में सुंदर को मार्करम ने शानदार कैच पकड़ा और इसके ठीक बाद कुलदीप भी पवेलियन लौट गए. इस साझेदारी के टूटते ही भारत की उम्मीदें भी लगभग खत्म हो गईं और पूरी टीम 83.5 ओवर में 201 रन पर सिमट गई.
कुलदीप यादव भले ही सिर्फ 19 रन बना पाए हों, लेकिन उनकी 134 गेंदों की पारी इस सीरीज में किसी भी भारतीय बल्लेबाज की सबसे लंबी पारी रही. यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि भारत के शीर्ष और मध्यक्रम बल्लेबाज क्रीज पर समय बिताने में संघर्ष कर रहे हैं. यशस्वी जायसवाल ने 97 गेंदों पर 58 रन की पारी खेली और वॉशिंगटन सुंदर ने 48 रन बनाए, इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज खास प्रदर्शन नहीं कर सका.
साउथ अफ्रीका की ओर से मार्को जेनसन ने नई गेंद का शानदार उपयोग करते हुए 48 रन देकर 6 विकेट चटकाए. ऑफ-स्पिनर साइमन हार्मर ने भी 64 रन देकर 3 विकेट हासिल किए. इन दोनों गेंदबाजों की सटीक लाइन-लेंथ और उछाल ने भारतीय बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया, जिसके चलते भारतीय पारी कभी भी लय में नहीं दिखी.
भारत ने सुबह के सत्र में ही चार विकेट गंवा दिए थे और चाय तक स्कोर 4 विकेट पर 102 रन रहा. इसके बाद दूसरे सत्र में तीन और विकेट गिरे, जिससे स्थिति और भी खराब हो गई.
भारत के 201 रनों पर सिमटने के बाद साउथ अफ्रीका ने पहली पारी के आधार पर 288 रन की विशाल बढ़त हासिल कर ली है. यह बढ़त भारतीय टीम के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है, क्योंकि मेहमान टीम का आत्मविश्वास ऊंचा है और भारतीय बल्लेबाजों का फॉर्म चिंता का विषय बना हुआ है.