दिल्ली में दिवाली के बाद हवा और जहरीली हो गई है. AQI 350 तक पहुंच गया, जो 'बेहद खराब' कैटेगरी में आता है. सांस लेना मुश्किल हो रहा है, लेकिन अब सिर्फ गला खराब या खांसी ही नहीं लोग पैनिक अटैक का शिकार हो रहे हैं. डॉक्टर बता रहे हैं कि प्रदूषण अब सिर्फ फेफड़ों का नहीं, दिमाग का भी दुश्मन बन गया है. डर लगता है कि सांस रुक जाएगी. आइए 10 आसान टिप्स से जानते हैं कैसे बचें-
पहले समझें खतरा PM2.5 और NO2 जैसे जहरीले कण दिमाग में पहुंचकर चिंता बढ़ाते हैं. 2024 की एक रिसर्च कहती है – प्रदूषण से घबराहट का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है. बच्चे, बुजुर्ग और अस्थमा के मरीज सबसे ज्यादा खतरे में होते हैं.
1. AQI रोज चेक करें- सुबह उठते ही AirVisual या Sameer ऐप देखें. AQI 200 से ऊपर हो तो बाहर कम निकलें.
2. N95 मास्क पहनें- साधारण कपड़े का मास्क बेकार होता है. N95 या KN95 मास्क लगाएं, जो PM2.5 को 95% रोकता है.
3. घर में रहें- खिड़कियां बंद रखें. सुबह 6 से 10 और शाम 5 से 9 बजे हवा सबसे खराब होती है. इस समय घर में रहें, पंखा या AC चलाएं.
4. एयर प्यूरीफायर लगाएं- HEPA फिल्टर वाला प्यूरीफायर कमरे की हवा साफ रखता है. नहीं खरीद सकते तो गीला पर्दा खिड़की पर टांगें.
5. गहरी सांस की प्रैक्टिस करें- जब घबराहट हो, 4 सेकंड सांस लें, 4 सेकंड रोकें, 6 सेकंड छोड़ें. इससे पैनिक कम होता है.
6. हल्का व्यायाम करें- घर के अंदर योग, स्ट्रेचिंग या डांस करें. बाहर दौड़ना बंद करें.
7. पौष्टिक खाना खाएं- विटामिन C (संतरा, नींबू), ई (बादाम) और ओमेगा-3 (अखरोट) जैसी चीजें लें. इम्यूनिटी मजबूत रहेगी.
8. धूम्रपान और अगरबत्ती बंद- घर में सिगरेट, धूप-अगरबत्ती न जलाएं. ये प्रदूषण और बढ़ाते हैं.
9. पौधे लगाएं- स्नेक प्लांट, एलोवेरा, पीस लिली जैसे पौधे हवा साफ करते हैं. कमरे में 2-3 रखें.
10. डॉक्टर से संपर्क रखें- अगर सांस फूल रही हो, सीने में दर्द हो या बार-बार घबराहट हो, तुरंत डॉक्टर से मिलें. दवा समय पर लें.
वायु प्रदूषण के दौरान श्वसन संबंधी समस्याएं आम हो सकती हैं, लेकिन आपको अपने फेफड़ों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा. वायु प्रदूषण या धुंध के दौरान बाहर जाने से बचें. अगर आपको किसी स्थिति में बाहर निकलना पड़े, तो मास्क पहनें या अपने चेहरे को स्कार्फ से ढकें.
घर के अंदर प्रदूषण को रोकने और खुलकर सांस लेने के लिए किसी विशेषज्ञ की मदद से एक अच्छा एयर प्यूरीफायर चुनना एक अच्छा विचार है. खराब वायु गुणवत्ता होने पर धूम्रपान या व्यायाम करने से बचें.