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दिल्ली-एनसीआर वाले सावधान! जहरीले स्मॉग से फेफेड़े हो सकते हैं डैमेज, सेफ रहने के लिए अपनाएं ये टिप्स

जैसे-जैसे सर्दियों का मौसम दिल्ली-NCR में दस्तक दे रहा है वैसे ही शहर में प्रदूषण भी बढ़ता जा रहा है. शहर की जहरीली हवा से फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंच सकता है. ऐसे में कुछ टिप्स को फॉलो कर सेहत का ख्याल रख सकते हैं.

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Edited By: Princy Sharma
दिल्ली-एनसीआर वाले सावधान! जहरीले स्मॉग से फेफेड़े हो सकते हैं डैमेज, सेफ रहने के लिए अपनाएं ये टिप्स
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: नवंबर शुरू होते ही, हवा में पहले से ही स्मॉग और पॉल्यूशन की भरमार हो जाती है, खासकर त्योहारों के मौसम के बाद. गिरते तापमान के साथ बढ़ता धुआं, स्मॉग और धूल कई लोगों के लिए ठीक से सांस लेना मुश्किल कर देती है. कई हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि मौसम में यह बदलाव आपके फेफड़ों के लिए खतरनाक हो सकता है. 

ठंडी हवा सांस की नली को टाइट कर देती है, जबकि पॉल्यूशन सांस लेने के सिस्टम को परेशान करता है, जिससे खांसी, कंजेशन और यहां तक ​​कि लंबे समय तक सांस लेने में दिक्कतें भी हो सकती हैं. लेकिन लाइफस्टाइल में कुछ आसान बदलावों से आप इस सर्दी में अपने फेफड़ों को मजबूत और हेल्दी रख सकते हैं. सर्दियों और ज्यादा पॉल्यूशन वाले दिनों में अपने फेफड़ों को सुरक्षित रखने के लिए डॉ. कटियार के टॉप टिप्स यहां दिए गए हैं:

HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर 

HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर हवा से धूल, धुआं और पॉलेन जैसे 99.97% तक नुकसान पहुंचाने वाले पार्टिकल्स को हटा सकता है. क्योंकि सर्दियों में घर बंद रहते हैं, इसलिए ये डिवाइस घर के अंदर की हवा को साफ करने और आपके फेफड़ों को बचाने में मदद करते हैं.

N95 या KN95 मास्क पहनें

ये मास्क छोटे पॉल्यूटेंट को फिल्टर करते हैं और आपको हवा में PM2.5 पार्टिकल्स से बचाते हैं. डॉ. कटियार कहते हैं कि N95 मास्क कपड़े या सर्जिकल मास्क से कहीं ज्यादा असरदार होते हैं और अस्थमा या एलर्जी वाले लोगों के लिए जरूरी हैं.

घर के अंदर पौधे रखें

पीस लिली, स्नेक प्लांट और एरेका पाम जैसे पौधे टॉक्सिन को सोखकर घर के अंदर की हवा को नैचुरली साफ करते हैं. बस फफूंदी लगने से बचाने के लिए उन्हें ज्यादा पानी न दें.

स्टीम या ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें

हवा में नमी लाने से गले का सूखापन और कंजेशन नहीं होता. आसानी से सांस लेने के लिए घर के अंदर की ह्यूमिडिटी लगभग 40–60% रखें. रोजाना 10–15 मिनट के लिए ताजी हवा अंदर आने दें. खासकर दोपहर में जब हवा की क्वालिटी बेहतर होती है घर के पॉल्यूटेंट को हटाने में मदद करता है.

अगरबत्ती और मोमबत्तियों से बचें

खुशबूदार मोमबत्तियों और अगरबत्ती से नुकसानदायक VOCs (वोलाटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स) निकलते हैं जो आपकी सांस की नली में जलन पैदा कर सकते हैं. इसके बजाय, नेचुरल ऑयल डिफ्यूजर का इस्तेमाल करें.

गर्म पानी पिएं 

गर्म पानी, हर्बल चाय और सूप से हाइड्रेटेड रहें. अपने फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए संतरे, अदरक और हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाना खाएं.

फेफड़ों का चेक-अप करवाएं

स्पाइरोमेट्री जैसे रेगुलर फेफड़ों के टेस्ट से समस्याओं का जल्दी पता चल सकता है. डॉ. कटियार प्रदूषित शहरों में रहने वाले लोगों को सालाना चेक-अप करवाने की सलाह देते हैं.