menu-icon
India Daily

International Dance Day 2026: किस मशहूर डांसर के बर्थडे पर मनाया जाता है विश्व नृत्य दिवस? इतिहास बहुत दिलचस्प

29 अप्रैल को विश्व नृत्य दिवस मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन फ्रांसीसी बैले गुरु जीन-जॉर्ज नावेरे का जन्म हुआ था. नृत्य सिर्फ कदमों की थिरकन नहीं, बल्कि संस्कृति, भावनाएं और उत्सव का जीवंत रूप है.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
International Dance Day 2026: किस मशहूर डांसर के बर्थडे पर मनाया जाता है विश्व नृत्य दिवस? इतिहास बहुत दिलचस्प
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: नृत्य इंसान की सबसे पुरानी भाषा है जो बिना शब्दों के दिल से दिल तक पहुंच जाती है. जब ताल उठती है तो पैर खुद थिरकने लगते हैं, चाहे वो स्ट्रीट का कोना हो या बड़ा स्टेज. पूरी दुनिया में नृत्य की अनगिनत शैलियां हैं, लेकिन कुछ इतनी लोकप्रिय हो गई हैं कि वो हर उम्र के लोगों को अपनी ओर खींच लेती हैं. भारत में नृत्य को साधना और पूजा का रूप माना जाता है. जानते हैं आज के इतिहास के बारे में.

विश्व नृत्य दिवस आज ही क्यों मनाया जाता है?

हर साल 29 अप्रैल को विश्व नृत्य दिवस मनाया जाता है क्योंकि इसी तारीख को 1727 में फ्रांसीसी डांसर और कोरियोग्राफर जीन-जॉर्ज नावेरे का जन्म हुआ था. वे बैले डांस के आधुनिक रूप के जनक माने जाते हैं. साल 1760 में उन्होंने ‘लेटर्स ऑन द डांस’ नाम की किताब लिखी जिसमें नृत्य की बारीकियों और सुधारों पर गहराई से चर्चा की गई. बाद में ‘लेट्स मीट द बैले’ जैसी किताबों से उन्होंने बैले को नया आयाम दिया. उनकी बदौलत बैले सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि कहानी कहने का माध्यम बना. 

हिप हॉप और ब्रेक डांस की स्ट्रीट ऊर्जा

हिप हॉप डांस 1970 के दशक में अमेरिका की सड़कों पर पैदा हुआ. यह हिप हॉप म्यूजिक पर आधारित स्ट्रीट डांस है जो युवाओं की ऊर्जा और विद्रोह को व्यक्त करता है. इसमें ब्रेक डांस या बी-बॉइंग शामिल है, जिसमें टॉपरॉक, डॉउनरॉक, पावर मूव्स और फ्रीज जैसे हिस्से होते हैं. माइकल जैक्सन ने इसे वैश्विक लोकप्रियता दिलाई. इसमें जिम्नास्टिक, ताकत, बैलेंस और तकनीक की जरूरत पड़ती है. आज दुनिया भर के युवा इसे फ्रीडम और क्रिएटिविटी का प्रतीक मानते हैं. 

टैप डांस की धमक और बेली डांस का जादू

टैप डांस में डांसर के जूतों की मेटल प्लेट्स से निकलने वाली आवाज खुद संगीत बन जाती है. यह अफ्रीकी-अमेरिकी समुदाय से निकला और 18वीं शताब्दी में विकसित हुआ. इसमें अमेरिकी, ब्रिटिश और आयरिश शैलियां शामिल हैं. वहीं बेली डांस को वेस्ट एशियन या अरब डांस भी कहते हैं. इसमें पूरे शरीर खासकर हिप्स का खूबसूरत इस्तेमाल होता है. शकीरा जैसी स्टार ने इसे ग्लोबल बनाया. दोनों स्टाइल्स दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं.

गंगनम स्टाइल, सालसा और कपूएरा की लय

2012 में साउथ कोरियाई रैपर पीएसवाई के गंगनम स्टाइल वीडियो ने यूट्यूब पर तहलका मचा दिया. गंगनम इलाके पर व्यंग्य करते यह डांस घोड़े की सवारी जैसा लगता है और के-पॉप को दुनिया भर में पहुंचाया. सालसा क्यूबा से निकला जोड़ी डांस है जिसमें पार्टनर के साथ तालमेल जरूरी होता है. ब्राजीली कपूएरा मार्शल आर्ट, एक्रोबेटिक्स और अफ्रीकी संगीत का अनोखा मिश्रण है. तेज हरकतें इसे बेहद रोमांचक बनाती हैं.

कथक, वाल्ट्ज और दुनिया के अनोखे नृत्य

भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक कहानियों को चेहरे के भाव और मुद्राओं से जीवंत करता है. यहां चेहरा शरीर से ज्यादा महत्व रखता है. जर्मनी का वाल्ट्ज सबसे रोमांटिक डांस माना जाता है जो संगीत के उतार-चढ़ाव के साथ गति बदलता है. फिलिपींस का तिनिक्लिंग बांसों पर और जापान का कबूकी गायन के साथ रंगीन वेशभूषा में किया जाता है. स्पेन का फ्लेमेंको डांस और अन्य स्टाइल्स अपनी संस्कृति की कहानी सुनाते हुए दर्शकों को जोड़ते हैं.