गर्मियों में फल जल्दी खराब होना आम बात है, लेकिन केला ऐसा फल है जो सबसे तेजी से पकता और गलता है. कई बार हम दर्जनों केले खरीद लेते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में उनका रंग पीले से काला हो जाता है और उन्हें फेंकना पड़ता है. असल में केले से निकलने वाली ईथीलीन गैस उसकी पकने की प्रक्रिया को तेज कर देती है. गर्म तापमान इस प्रक्रिया को और बढ़ा देता है. लेकिन अगर सही तरीके अपनाए जाएं तो आप पके हुए केले को कई दिनों तक ताजा रख सकते हैं.
मास्टर शेफ पंकज भदौरिया के अनुसार केले को स्टोर करने का एक बेहद आसान तरीका है. आप केले के डंठल को एल्यूमिनियम फॉयल या प्लास्टिक रैप से लपेट दें. इससे ईथीलीन गैस कम निकलती है और केले धीरे पकते हैं. इस तरीके से केले 4 से 5 दिन तक ज्यादा फ्रेश रह सकते हैं.
पके हुए केले को हमेशा ठंडी और सूखी जगह पर रखें. अगर आप उन्हें धूप या ज्यादा गर्म जगह पर रखेंगे तो वे जल्दी गल जाएंगे. किचन में ऐसी जगह चुनें जहां हवा का हल्का प्रवाह हो और सीधी धूप न पहुंचे.
आप चाहें तो पके हुए केले को फ्रिज में भी रख सकते हैं. हालांकि उनका छिलका काला पड़ सकता है, लेकिन अंदर का फल सही और खाने लायक रहता है. ध्यान रखें कि कच्चे केले को फ्रिज में न रखें, वरना वे पकना बंद कर देंगे.
केले को कभी भी सेब या आम जैसे फलों के साथ न रखें. ये फल भी ethylene गैस छोड़ते हैं, जिससे केले तेजी से पकते हैं. अलग रखने से उनकी लाइफ बढ़ जाती है.
अगर आपने केले गुच्छे में खरीदे हैं, तो उन्हें अलग अलग करके रखें. इससे हर केले पर गैस का असर कम पड़ता है और वे धीरे धीरे पकते हैं.
केले को टांगकर रखना भी एक अच्छा तरीका है. इससे उन पर दबाव नहीं पड़ता और वे जल्दी खराब नहीं होते. यह तरीका खासतौर पर तब काम आता है जब आप ज्यादा मात्रा में केले खरीदते हैं.
अगर केले ज्यादा पक जाएं तो उन्हें फेंकने के बजाय इस्तेमाल करें. आप उनसे शेक, स्मूदी या केक बना सकते हैं. इससे न सिर्फ केले खराब होने से बचेंगे बल्कि उनका स्वाद भी अलग तरीके से लिया जा सकता है.
केले एक ऐसे फल हैं जो खुद भी ethylene गैस छोड़ते हैं और आसपास के फलों को भी जल्दी पकाते हैं. गर्मियों में तापमान ज्यादा होने से यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है. इसलिए सही स्टोरेज बहुत जरूरी हो जाता है.