राजस्थान: राजस्थान इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है. सूरज की तेज धूप और शुष्क हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले 48 से 72 घंटों में पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में भीषण लू चलने की संभावना है. ऐसे में घर से बाहर निकलते समय खास सावधानी रखनी चाहिए.
पिछले 24 घंटों में श्रीगंगानगर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. बाड़मेर में भी 44.1 डिग्री दर्ज किया गया. राजधानी जयपुर में पारा 41.8 डिग्री तक गया, जो सामान्य से करीब 3 डिग्री ज्यादा है. हवा में नमी बहुत कम रह गई है, जिससे गर्मी और भी घातक हो रही है.
मौसम विभाग के अनुसार 25 और 26 अप्रैल को अलवर जिले में ऊष्ण लहर (हीटवेव) का अलर्ट है. पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में तापमान 43-44 डिग्री के आसपास रह सकता है. लू के थपेड़ों से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को ज्यादा खतरा है.
दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें.
हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें.
ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, नारियल पानी या छाछ लें.
सिर ढककर निकलें, छाता या टोपी का इस्तेमाल करें.
अगर बाहर हैं तो ठंडी जगह पर आराम करें.
जानवरों को भी छाया और पानी उपलब्ध कराएं.
भीषण गर्मी के बीच 26 अप्रैल से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की उम्मीद है. 26 अप्रैल को बीकानेर संभाग के कुछ सीमावर्ती इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है. 27 और 28 अप्रैल को जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर और जोधपुर संभागों में मेघगर्जन के साथ धूलभरी आंधी और बूंदाबांदी की संभावना है. इससे कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन पूरी तरह गर्मी कम होने में समय लगेगा.
राजस्थान के लोग इन दिनों सुबह-शाम थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन दिन में सूरज के तेवर काफी तीखे हैं. किसान भाई खेतों में काम करते समय पानी साथ रखें और बीच-बीच में आराम करें. शहरों में स्कूलों के समय में बदलाव भी कुछ जगहों पर किया गया है ताकि बच्चों को गर्मी से बचाया जा सके. मौसम विभाग लगातार नजर रखे हुए है. अगर तापमान और बढ़ा तो और सख्त अलर्ट जारी किया जा सकता है. इसलिए सभी नागरिकों से अपील है कि लू से बचाव के उपाय अपनाएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें.