गर्मियों में क्यों फटने लगती है स्किन? परेशान हैं तो जान लें
1. तेज धूप त्वचा की नमी चुरा लेती है
सूरज की UV किरणें त्वचा के ऊपरी लेयर को सूखा बनाती हैं. बिना सनस्क्रीन के घूमने से त्वचा की प्राकृतिक ऑयल कम हो जाती है और फटने का खतरा बढ़ जाता है.
2. डिहाइड्रेशन सबसे बड़ा दुश्मन
गर्मी में पसीना ज्यादा आता है, लेकिन पानी कम पीते हैं तो शरीर अंदर से सूखने लगता है. त्वचा को नमी अंदर से नहीं मिलती, इसलिए बाहर से फटने लगती है.
3. एसी की ठंडी हवा स्किन को रूखा कर देती है
घर या ऑफिस में एसी चलाने से हवा की नमी कम हो जाती है. बाहर की गर्मी और अंदर की सूखी हवा का यह खेल त्वचा को जल्दी फाड़ देता है.
4. पसीना और फ्रिक्शन का कॉम्बिनेशन
बार-बार पसीना आने से त्वचा नरम हो जाती है, लेकिन सैंडल या खुले जूतों में घूमने से रगड़ लगती है. नरम त्वचा आसानी से फट जाती है.
5. ज्यादा नहाना या साबुन का इस्तेमाल
गर्मी में बार-बार नहाने या तेज साबुन लगाने से त्वचा की प्राकृतिक चिकनाहट खत्म हो जाती है. नतीजा-स्किन ड्राई और क्रैक्ड.
6. पैरों पर ज्यादा दबाव और कैलस बनना
खड़े रहने या सैंडल पहनने से एड़ियों पर मोटी परत (कैलस) बनती है. जब यह सूख जाती है तो फटने लगती है, खासकर गर्मियों में.
7. स्विमिंग पूल का क्लोरीन असर
पूल में तैरने के बाद क्लोरीनयुक्त पानी त्वचा की नमी सोख लेता है. अगर तुरंत धोकर मॉइश्चराइजर न लगाया जाए तो फटने की शिकायत बढ़ जाती है.
8. विटामिन की कमी भी खेल बिगाड़ती है
गर्मियों में कुछ लोग विटामिन ई, सी या बी-3 की कमी से जूझते हैं. इससे त्वचा की मरम्मत रुक जाती है और फटने का खतरा रहता है.
9. उम्र और मौजूदा स्किन कंडीशन
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, त्वचा अपनी लचक खोने लगती है. जो लोग पहले से एक्जिमा या ड्राई स्किन से परेशान हैं, गर्मी में उनकी समस्या और बढ़ जाती है.
Disclaimer
यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.