menu-icon
India Daily

'वही सौदा करेंगे जो...', व्यापार वार्ता को लेकर दादागिरी दिखा रहे अमेरिका को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दिखा दी औकात

गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर चर्चा चल रही है. हालांकि, 27 अगस्त से अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50% शुल्क लगाए जाने के बाद छठे दौर की वार्ता, जो 25 अगस्त को होनी थी स्थगित कर दी गई.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'वही सौदा करेंगे जो...', व्यापार वार्ता को लेकर दादागिरी दिखा रहे अमेरिका को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दिखा दी औकात
Courtesy: Union Minister Piyush Goyal blunt reply to America regarding bilateral trade agreement with America

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत समयसीमा के दबाव में जल्दबाजी में समझौते नहीं करता, बल्कि केवल वही व्यापारिक सौदे करता है जो दोनों पक्षों के लिए लाभकारी हों. गोयल ने एक उद्योग मंडल के कार्यक्रम में कहा, "हम व्यापार सौदों के लिए समयसीमा नहीं रखते. हम केवल निष्पक्ष और पारस्परिक लाभकारी सौदों पर ध्यान देते हैं." 

BTA को लेकर चर्चा जारी

उन्होंने पुष्टि की कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर चर्चा चल रही है. मार्च में शुरू हुई इस वार्ता के अब तक पांच दौर पूरे हो चुके हैं. हालांकि, 27 अगस्त से अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50% शुल्क लगाए जाने के बाद छठे दौर की वार्ता, जो 25 अगस्त को होनी थी स्थगित कर दी गई. अभी तक अगले दौर की तारीख तय नहीं हुई है.

सबसे सस्ती स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध करा रहा भारत

20वें वैश्विक स्थिरता शिखर सम्मेलन में गोयल ने भारत को नवीकरणीय ऊर्जा में वैश्विक अग्रणी बताया. उन्होंने कहा कि भारत 24 घंटे स्वच्छ ऊर्जा मात्र 4.60 से 5 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा (लगभग 5 सेंट) में प्रदान कर रहा है, जो विश्व में कहीं और उपलब्ध नहीं है. उन्होंने 2014 से पहले की बिजली की कमी और उच्च लागत की स्थिति को याद करते हुए कहा कि तब दक्षिण भारत में बिजली की कीमत 12-13 रुपये प्रति यूनिट तक थी. राष्ट्रीय ग्रिड के एकीकरण से लागत को चार गुना कम किया गया.

सौर ऊर्जा में क्रांति

गोयल ने बताया कि 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सौर ऊर्जा लक्ष्य को 20 गीगावाट से बढ़ाकर 100 गीगावाट किया गया, जिसे समय पर हासिल किया गया. पारदर्शी बोली और प्रतिस्पर्धा के कारण सौर टैरिफ 7-8 रुपये से घटकर 2 रुपये प्रति यूनिट से भी कम हो गया.