मेघालयः गुरुवार को मेघालय में एक दर्दनाक हादसा हो गया. ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के मायनसंगत-थाजस्को इलाके में एक अवैध कोयला खदान में ब्लास्ट में 18 मजदूरों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि ताशखाई कोयला खदान में अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे अंदर काम कर रहे मजदूर फंस गए. धमाका इतना तेज था कि मजदूरों को बचने का कोई मौका नहीं मिला. शक है कि सभी मारे गए मजदूर असम के थे. हालांकि, अधिकारियों की तरफ से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. कई अन्य के फंसे होने की आशंका है. डीजीपी ने बताया कि यह घटना थांगस्कू इलाके में हुई और बचाव दल तलाशी अभियान चला रहे हैं.उन्होंने कहा, ‘‘हमने अब तक 18 शव बरामद किए हैं, लेकिन विस्फोट के समय खदान के अंदर मौजूद लोगों की संख्या के बारे में सटीक जानकारी नहीं है. कई लोगों के फंसे होने की आशंका है.'
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मारे गए मजदूरों में से एक कथित तौर पर असम के कटीगारा इलाके के बिहारा गांव का रहने वाला था. दुर्घटना की खबर मिलते ही मेघालय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और बचाव और राहत अभियान शुरू किया. खदान के अंदर फंसे अन्य मजदूरों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. शक है कि यह विस्फोट उस जगह पर कोयला खनन की गतिविधियों के दौरान हुआ, जिसे एक गैर-कानूनी काम माना जा रहा है
प्रशासन ने आसपास के इलाके को घेर लिया है. इससे बचाव कार्यों में कोई रुकावट नहीं आएगी. साथ ही सुरक्षा बढ़ा दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि धमाके के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है. शुरुआती तौर पर, खदान में गैस लीक या तकनीकी खराबी को दुर्घटना का संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी.
मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स में हुए हादसे पर पीएम ने जताया दुख. वहीं इस हादसे में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदनाएं. घायल जल्द से जल्द ठीक हों. PMNRF से हर मृतक के परिवार को 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.
Pained by the mishap in East Jaintia Hills, Meghalaya. Condolences to those who lost their loved ones. May the injured recover at the earliest.
— PMO India (@PMOIndia) February 5, 2026
An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each deceased. The injured would be given Rs. 50,000: PM…
मेघालय में कोयला खदान की सबसे बड़ी दुर्घटना दिसंबर 2018 में कसान खदान में बाढ़ थी. वहां जयंतिया हिल्स में एक अवैध रैट-होल खदान में लगभग 20 खनिक फंस गए थे, जिससे कम से कम 15 खनिकों की मौत हो गई थी. अन्य लोगों को बचाने की कोशिशें नाकाम रहीं, जिससे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा प्रतिबंधों के बावजूद अनियमित खनन के गंभीर खतरों को उजागर किया गया.
मेघालय में 18 नवंबर को अवैध कोयला खनन के एक कथित मामले में एक और जान चली गई थी. इस हादसे में पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में एक खदान स्थल पर गिरने से असम के एक मजदूर की मौत हो गई. मृतक की पहचान असम के होजाई जिले के जमुना मौडांगा के 48 वर्षीय मोसैद अली के रूप में हुई है, जो उमथे गांव में एक अवैध कोयला खदान में काम कर रहा था, जहां वा 14 जनवरी को गिर गया था. 4 दिन मौत से लड़ने के बाद उसने दम तोड़ दिया था.
इस दुर्घटना ने मजदूरों की सुरक्षा और अवैध खनन गतिविधियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पूरी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता देने का भी वादा किया है.