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India Daily

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे 14 जहाजों को निकालने के लिए 7 युद्धपोत तैनात, भारत के जहाज को एस्कॉर्ट कर रही इंडियन नेवी

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारत के जहाज पर हमले के बाद भारत सरकार सतर्क है. अभी भी होर्मुज में 14 जहाज फंसे हैं, जिन्हें निकालने के लिए 7 युद्धपोत तैनात किया गया है.

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Edited By: Shanu Sharma
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे 14 जहाजों को निकालने के लिए 7 युद्धपोत तैनात, भारत के जहाज को एस्कॉर्ट कर रही इंडियन नेवी
Courtesy: X (@MarioNawfal)

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव काफी बढ़ गया है. 18 अप्रैल को भारतीय झंडे वाले दो व्यापारिक जहाजों पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने बिना चेतावनी के हमला शुरू कर दिया.

भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कूटनीतिक स्तर पर कड़े कदम उठाए हैं. हालांकि अभी भी होर्मुज में 14 भारतीय जहाज फंसे हैं, जिन्हें सुरक्षित रुप से निकालने की तैयारी शुरू हो गई है.

हमले के बाद भारत सरकार का एक्शन शुरू 

भारत सरकार ने घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई की. विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजदूत को दिल्ली में तलब किया और इस घटना पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरानी दूत से मुलाकात कर भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ईरानी अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है और जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं.

सरकार ने जोर दिया कि भविष्य में ऐसी कोई घटना दोहराई नहीं जानी चाहिए. घटना के तुरंत बाद भारतीय नौसेना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है. नौसेना ने सात युद्धपोत तैनात किए हैं, जो फंसे हुए जहाजों को एस्कॉर्ट कर रही है. पर्शियन गल्फ में मौजूद भारतीय जहाजों को लारक आइलैंड से दूर रहने और केवल अनुमति मिलने पर आगे बढ़ने की एडवाइजरी जारी की गई है.

14 जहाजों को निकालने की तैयारी

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अभी भी कम से कम 14 भारतीय झंडे वाले जहाज अभी भी लंगर डाले हुए हैं. इनमें तीन बड़े तेल टैंकर और एक एलपीजी कैरियर शामिल हैं. फरवरी के अंत से मध्य पूर्व में बढ़े तनाव के बाद भारत पहले ही 10 एलपीजी और तेल टैंकरों को सुरक्षित निकाल चुका है. ईरान में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी मौजूद हैं, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी सरकार की प्रमुख चिंता है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जो वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा संभालता है. भारत लगातार कूटनीतिक दबाव बनाए हुए है ताकि भारतीय जहाजों की बिना किसी परेशानी के लगातार आ-जा सके.