पालघर: तमिलनाडु की पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण हादसे का मातम अभी थमा भी नहीं था कि महाराष्ट्र के पालघर जिले से एक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. मंगलवार दोपहर पालघर के वाडा तालुका स्थित कोंसाई गांव में चल रही एक अस्थायी पटाखा फैक्ट्री में ऐसा जोरदार धमाका हुआ जिसने पूरे इलाके को थर्रा कर रख दिया. इस खौफनाक हादसे में दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि चार अन्य जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं.
नागरिक आपदा प्रबंधन सेल के मुताबिक, यह हादसा दिन में करीब 12 बजे एक पुराने फार्महाउस के टिन शेड में हुआ. यहां दिहाड़ी पर काम करने वाले करीब 35 मजदूर ट्विन बम बनाने का काम कर रहे थे. वाडा पुलिस के अनुसार, धमाका उस वक्त हुआ जब पटाखों के लिए केमिकल मिलाया जा रहा था. ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि पूरी फैक्ट्री का शेड ताश के पत्तों की तरह ढह गया और उसके टुकड़े दूर-दूर तक जा गिरे.
इस हादसे की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृतकों के शरीर के अंग धमाके वाली जगह से काफी दूर छिटक कर गिरे मिले. पुलिस के मुताबिक, भावेश दिलीप वावारे नाम के मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं 90 फीसदी तक झुलस चुकी मोनिका सचिन पाडवले ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इसके अलावा चार अन्य महिला मजदूर मोनिका जाधव, जागृति गावटे, प्रतिभा पवार और मोनिका वारदी बुरी तरह घायल हैं, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए भिवंडी उप-जिला अस्पताल रेफर किया गया है.
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और आग पर काबू पाया. शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह अवैध सी लगने वाली यूनिट इसी महीने 10 अप्रैल से चालू की गई थी और यहां बाहर से कच्चा माल लाया जाता था. आस-पास के गांवों (जामघर, पलसाई, अलमान) के गरीबों को यहां दिहाड़ी पर रखा गया था. इस मामले में पुलिस गहराई से जांच कर रही है. जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.