तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से जीतने वाले सुपरस्टार विजय अब राजनीति के नए चेहरे बन चुके हैं. पहली बार चुनाव लड़ी उनकी पार्टी पर जनता ने भरोसा जताया है. इसी बीच फिल्म डायरेक्टर राम गोपाल वर्मा द्वारा शेयर की गई एक पुरानी फोटो ने सोशल मीडिया पर सियासी माहौल को और गरमा दिया है. यह फोटो पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि की है, जिसमें उनके पीछे विजय खड़े हैं. चुनाव के नतीजों के बाद सामने आई इस फोटो को लोग अब अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं और इसे बदलती राजनीति का प्रतीक मान रहे हैं.
राम गोपाल वर्मा द्वारा साझा की गई तस्वीर में करुणानिधि एक कार्यक्रम में फीता काटते दिख रहे हैं. उनके पास विजय के पिता एस ए चंद्रशेखर मौजूद हैं और पीछे खड़े है विजय. यही फोटो अब राजनीतिक प्रतीक बन गई है. लोग इसपर यह चर्चा कर रहे हैं कि कभी करुणानिधि के पीछे खड़े विजय आज उनकी पार्टी को कड़ी चुनौती देकर सत्ता के करीब पहुंच गए हैं.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के रिजल्ट के बाद यह फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. विजय की पार्टी TVK 234 में से 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उफरी है. बहुमत से केवल 10 सीट दूर रहकर भी यह जीत ऐतिहासिक मानी जा रही है. इस जीत का सबसे बड़ा नुकसान DMK को हुआ जो पहले 133 सीटों के साथ सत्ता में थी और इस बार उसकी घटकर सिर्फ 59 सीटों पर सिमट कर रह गई है.
करुणानिधि तमिलनाडु की राजनीति के बड़े स्तंभ माने जाते थे. उनके निधन के बाद पार्टी की कमान उनके बेटे एम के स्टालिन ने संभाली. लंबे समय तक DMK और AIADMK के बीच सत्ता का खेल चलता रहा, लेकिन इस बार विजय की एंट्री ने इस पारंपरिक समीकरण को तोड़ दिया है. यह बदलाव राज्य की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है.
रामगोपाल वर्मा के पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स के कमेंट्स की बाढ़ आ गई. एक यूजर ने लिखा कि पार्टी का सफाया किसी एक व्यक्ति ने नहीं बल्कि जनता ने किया है. वहीं दूसरे यूजर ने कमेंट किया कि 'पीछे खड़े लोग ही सबसे घातक होते हैं.' कुछ लोगों ने इसे सिर्फ एक अस्थायी झटका बताया और कहा कि DMK की फिर वापसी हो होगी.
विजय की पार्टी टीवीके राज्य में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी तो है लेकिन सरकार बनाने के लिए उन्हें सहयोगियों की जरूरत होगी. आने वाले दिनों में गठबंधन की राजनीति अहम भूमिका निभाएगी. इसके साथ ही जनता से किए गए वादों को पूरा करना भी बड़ी जिम्मेदारी विजय के कंधों पर होगी. राजनीति में अपनी पहली बड़ी सफलता के बाद अब सबकी नजर इस पर है कि विजय तमिलनाडु में किस तरह अपनी नई पहचान और विरासत स्थापित करते हैं.