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India Daily

'अनुपम खेर के सिर पर बाल आ सकते हैं, लेकिन TMC अब बंगाल में नहीं आ सकती', ममता की हार पर बीजेपी नेता का तंज

पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत प्राप्त किया है. ममता बनर्जी की हार और बंगाल भाजपा अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य के अनुपम खेर वाले कटाक्ष ने राज्य के सियासी तापमान को बढ़ा दिया है.

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'अनुपम खेर के सिर पर बाल आ सकते हैं, लेकिन TMC अब बंगाल में नहीं आ सकती', ममता की हार पर बीजेपी नेता का तंज
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: प्रचंड जनादेश प्राप्त कर बीजेपी ने बंगाल की राजनीति में एक नए अध्ययाय की शुरुआत कर दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के आक्रामक चुनाव प्रचार के दम पर भाजपा ने विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत प्राप्त किया है, जिसके बाद बंगाल की सत्ता में 15 वर्षों से आसीन टीएमसी की विदाई हो गई है. वही चुनावी नतीजे सामने आने के बाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी चरम पर है.

कोलकाता में मीडिया से रूबरू होते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने टीएमसी पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि 9 मई एक ऐतिहासिक दिन होगा, क्योंकि श्यामा प्रसाद मुखर्जी की धरती पर अब उनकी विचारधारा वाली सरकार बनने जा रही है. उन्होंने कहा कि अनुपम खेर के गंजे सिर पर फिर से नए बाल तो उग सकते हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस अब बंगाल में दोबारा कभी सरकार नहीं बना पाएगी.

अनुपम खेर ने क्या कहा? 

अभिनेता अनुपम खेर ने भाजपा अध्यक्ष के इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देने में देरी नहीं की. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से मजाकिया लहजे में पूछा कि आखिर भाजपा नेता उनके सिर पर बाल क्यों चाहते हैं. खेर ने लिखा कि उन्होंने किसी का क्या बिगाड़ा है जो उनके बालों के पीछे पड़ा जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मौजूदा स्थिति में जन्मों तक बदलाव नहीं चाहेंगे और अंत में 'जय श्री राम' का जयघोष किया.

बंगाल में बीजेपी ने बदला सत्ता का समीकरण

प्रचंड बहुमत ने टीएमसी के दुर्ग को ढहा दिया है, जो अब मात्र 80 सीटों पर सिमटकर रह गई है. बाद नसीब हुई है. सबसे अधिक चर्चा भवानीपुर में ममता बनर्जी की शिकस्त की रही, जिन्हें सुवेंदु अधिकारी ने मात दी. यहां भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,000 से अधिक मतों के अंतर से हरा दिया. ममता बनर्जी की निजी हार ने टीएमसी के मनोबल को पूरी तरह तोड़ दिया है. ओवरआल नतीजों की बात करें तो भाजपा का वोट प्रतिशत जहां बढ़ा, वहीं टीएमसी का ग्राफ गिरकर 41 फीसदी पर आ गया.