मेट गाला में ईशा अंबानी के हाथ में दिखा 95 लाख का आम, दुनिया भर में हो रही चर्चा; देखें वीडियो
देश के नामचीन बिजनेसमैन मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी जब मेट गाला में पहुंची तो वहां मौजूद सबकी निगाहें उनपर थम गई और इसकी वजह थी ईशा के हाथ में लटका 'गोल्डन आम' उनकी खास ब्लाउज, जिसके चर्चे अब दुनिया भर में हो रहे हैं.
नई दिल्ली: न्यूयॉर्क में आयोजित मेट गाला 2026 में रिलायंस इंडस्ट्रीज की डायरेक्टर ईशा अंबानी ने भारतीय संस्कृति एक ऐसी प्रभावशाली परिभाषा पेश की, जिसके चर्चे हर जगह हो रहे हैं. उनके परिधान में न केवल आधुनिक फैशन की चमक थी, बल्कि भारतीय संस्कृति की छाप भी नजर आ रही थी. रेड कार्पेट पर उनके हाथ में मौजूद एक छोटे सुनहरे आम ने सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया.
ईशा अंबानी के हाथ में दिखा वह सुनहरा आम कोई साधारण पर्स या सजावटी सामान नहीं था, बल्कि मशहूर भारतीय कलाकार सुबोध गुप्ता द्वारा बनाई गई एक विशेष कलाकृति थी. यह कलाकृति लगभग 20 साल पुरानी है, जिसे ईशा ने एक एक्सेसरी के रूप में कैरी किया था. इसका उद्देश्य वैश्विक मंच पर भारतीय समकालीन कला को बढ़ावा देना था. जब दुनिया को पता चला कि यह कलाकृति दो दशक पुरानी है, तो हर कोई ईशा की कला के प्रति उनकी समझ और पसंद का कायल हो गया.
ड्रेस में दिखी मां नीता अंबानी की अनमोल विरासत की झलक
ईशा अंबानी ने अपनी ड्रेस के बारे में कुछ बेहद निजी और भावुक बातें साझा कीं. उन्होंने बताया कि उनके ब्लाउज को उनकी मां, नीता अंबानी के बेहद कीमती गहनों का उपयोग करके विशेष रूप से तैयार किया गया था. इसमें जड़े हुए असली हीरे और पन्ने उनकी समृद्ध पारिवारिक विरासत और मां के प्रति उनके सम्मान को दर्शा रहे थे. यह केवल एक शानदार परिधान नहीं था, बल्कि मां-बेटी के अटूट भावनात्मक जुड़ाव का एक जीवंत प्रतीक था, जिसने अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत को भारतीय संस्कारों से रूबरू कराया.
ईशा के लिए यह ड्रेस केवल एक फैशन स्टेटमेंट नहीं, बल्कि उनकी यादों का एक खूबसूरत पिटारा थी. ब्लाउज की बनावट में कुछ ऐसे छोटे-छोटे तोहफे और यादगार चीजें भी जोड़ी गई थीं, जो उन्हें उनके जुड़वां बच्चों के जन्म के सुखद समय पर प्राप्त हुई थीं. यह बारीक काम दर्शाता है कि ईशा के लिए यह आयोजन केवल ग्लैमर का हिस्सा नहीं था, बल्कि अपनी खुशियों को सहेजने का एक माध्यम था. इस भावुक स्पर्श ने उनकी ड्रेस को मेट गाला के इतिहास की सबसे यादगार पोशाक बना दिया.
साड़ी पहनकर भारतीय संस्कृति को किया चित्रित
मेट गाला जैसे फैशन के सबसे बड़े मंच के लिए ईशा अंबानी ने साड़ी का चुनाव किया, क्योंकि उनके लिए साड़ी भारतीय कला का सबसे महान प्रतीक है. उन्होंने बताया कि साड़ी में आधुनिकता और परंपरा का जो अद्भुत मेल होता है, वह और कहीं नहीं मिल सकता. साड़ी पहनकर उन्होंने भारतीय संस्कृति को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया. उनके इस फैसले ने यह संदेश दिया कि पारंपरिक भारतीय पहनावा किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता या आयोजन में अपनी एक विशिष्ट और प्रभावशाली पहचान बनाने की पूरी ताकत रखता है.
ईशा के पूरे लुक में उनके बालों में सजा 'गजरा' भी काफी अनोखा था और उसने सबका ध्यान खींचा. इस विशेष गजरे को ब्रुकलिन में रहने वाले एक भारतीय मूल के कलाकार ने बहुत मेहनत से तैयार किया था. यह गजरा भारतीय परंपरा और विदेशी धरती पर पनप रहे भारतीय हुनर का एक बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहा था. इस तरह ईशा ने अपनी छोटी से छोटी एक्सेसरी के माध्यम से भारत की विविध कलाओं और गुमनाम कलाकारों को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फैशन मंच पर एक बड़ा सम्मान दिलाया.