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EVM खराब, हिंसा और तोड़फोड़, पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग शुरू होते ही मचा वबाल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान बुधवार की सुबह मतदान शुरू होते ही हिंसा, तोड़फोड़ और ईवीएम खराब होने की घटनाएं सामने आईं हैं. चपरा, शांतिपुर और भांगड़ समेत कई जगहों पर झड़पें हुईं, जबकि हावड़ा में मतदान मशीनों में गड़बड़ी की शिकायत मिली.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
EVM खराब, हिंसा और तोड़फोड़, पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग शुरू होते ही मचा वबाल
Courtesy: social media

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी चरम पर है. दूसरे चरण के मतदान की शुरुआत में ही तनाव भरा माहौल देखने को मिला. सुबह-सुबह कई इलाकों से हिंसा और विस्फोटक घटनाओं की खबरें आईं. मतदाता लंबी लाइनों में खड़े थे, लेकिन कुछ बूथों पर ईवीएम की समस्या और एजेंटों को बाहर निकालने को लेकर झगड़े शुरू हो गए. इन घटनाओं ने पूरे चरण के मतदान पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय बलों पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा माहौल लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है. भाजपा और तृणमूल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है.

हिंसा की घटनाएं आईं सामने

चपरा, शांतिपुर और भांगड़ में मतदान शुरू होते ही झड़पें और तोड़फोड़ की खबरें आईं. कुछ जगहों पर समर्थक एक-दूसरे पर हमला करते दिखे, जबकि वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया. स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह के समय तनाव बढ़ गया और सुरक्षा बलों को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. इन घटनाओं से मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई और कई मतदाताओं को इंतजार करना पड़ा. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती घंटों में माहौल काफी गर्म रहा.

ईवीएम में गड़बड़ी

हावड़ा जिले में कुछ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें खराब होने की शिकायत मिली. तकनीकी टीम को बुलाकर मशीनें ठीक करने का प्रयास किया गया, जिससे मतदान में देरी हुई. मतदाताओं में नाराजगी देखी गई और कुछ लोगों ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए. चुनाव आयोग के अधिकारी घटना की जांच में जुट गए हैं. ऐसी समस्याएं मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने में बाधा बन रही हैं.

प्रियंका तिबरेवाल का विवाद

एंटली सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रियंका तिबरेवाल ने मतदान केंद्र पर मतदान अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों से तीखी बहस की. उनके एजेंट को बूथ के छोटे होने के कारण बाहर कर दिया गया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया. तृणमूल उम्मीदवार के प्रतिनिधि भी इस झगड़े में शामिल हो गए. प्रियंका ने कहा कि अंदर दस लोग बटन दबाने के लिए तैयार बैठे हैं. अंत में दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों को बाहर निकाल दिया गया.

ममता बनर्जी का आरोप

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय सुरक्षा बलों पर भाजपा के इशारे पर काम करने का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय बल उनकी पार्टी के लोगों को निशाना बना रहे हैं और इस तरह मतदान नहीं चल सकता. ममता ने भाजपा पर बाहर से ऑब्जर्वर लाकर चुनाव प्रभावित करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने राज्य में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों को लेकर पहले की आलोचना को दोहराते हुए कहा कि साजिश रची जा रही है.

चुनावी माहौल पर असर

ये घटनाएं बंगाल चुनाव के दो मुख्य दलों- तृणमूल कांग्रेस और भाजपा- के बीच कड़ी टक्कर को दर्शाती हैं. दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने और चुनावी प्रक्रिया में दखल देने के आरोप लगा रही हैं. सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है, लेकिन शुरुआती हिंसा और ईवीएम की समस्याओं ने मतदान प्रतिशत पर असर डाला है. चुनाव आयोग स्थिति पर नजर रखे हुए है और सभी शिकायतों की जांच का आश्वासन दिया है.