नई दिल्ली: घर के बाहर की एयर क्वालिटी कैसी है, ये हमें बताने की जरूरत नहीं है. कई बार लगता है कि बाहर की हवा जहर बन चुकी है. कई बार एयर क्वालिटी खतरनाक स्थिति में आ जाती है. PM2.5 और PM10 जैसे छोटे-छोटे हानिकारक कण हवा में घुल गए हैं, जिससे घर हो या बाहर, सांस लेना कई बार मुश्किल हो जाता है. ऐसे में एक एयर प्यूरिफायर खरीदना जरूरी हो गया है.
एक अच्छा एयर प्यूरिफायर न सिर्फ बाहर से आने वाले खतरनाक प्रदूषकों को हटाकर हवा को साफ करता है, बल्कि हमारे घरों के अंदर मौजूद हानिकारक कणों और गैसों को भी दूर करता है. कभी-कभी घर के अंदर की हवा, बाहर की हवा से भी ज्यादा प्रदूषित हो सकती है. ऐसे में एक अच्छी क्वालिटी का प्यूरिफायर खरीदना जरूरी हो जाता है. यहां हम आपको 7 टिप्स की जानकारी दे रहे हैं, जो आपको एयर प्यूरिफायर खरीदने में मदद करेंगे.
हमेशा अपने कमरे के साइज के हिसाब से ही प्यूरिफायर खरीदें. छोटे बेडरूम या स्टडी रूम के लिए करीब 250 m³/घंटा CADR वाला प्यूरिफायर चुनें. लिविंग रूम जैसे बड़े कमरों के लिए, आपको 400 या उससे ज्यादा CADR की जरूरत होगी.
True HEPA फिल्टर की जरूरत काफी ज्यादा पड़ती है. यह 0.3 माइक्रोन जितने छोटे कणों का 99.97% हिस्सा पकड़ सकता है, जिसमें धूल, धुआं और परागकण शामिल हैं. HEPA के साथ-साथ, नुकसानदेह गैसों और बदबू को हटाने के लिए एक अच्छा एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर भी जरूरी है.
ACH के जरिए आपको यह पता चलता है कि प्यूरिफायर एक घंटे में पूरे कमरे की हवा को कितनी बार साफ कर सकता है. आम घरों के लिए, 4-5 ACH ठीक रहता है. लेकिन अगर आपके घर में बच्चे, बुजुर्ग या अस्थमा का कोई मरीज है, तो 6–8 ACH वाला प्यूरिफायर चुनें.
इस समय हवा की क्वालिटी बहुत गंदी हो गई है, जिससे फिल्टर जल्दी जाम हो जाते हैं. प्यूरिफायर खरीदने से पहले, उसके रिप्लेसमेंट फिल्टर की कीमत और उपलब्धता जरूर देख लें. अगर फिल्टर बहुत महंगे पड़ते हैं, तो एक सस्ता प्यूरिफायर भी आपको महंगा पड़ सकता है.
प्यूरिफायर कई घंटों तक चलता है खासकर रात के समय, इसलिए ऐसा मॉडल चुनें जो ज्यादा शोर न करता हो. यह स्लीप मोड में 30 dB से कम होना चाहिए.
सिर्फ इसलिए कोई प्यूरिफायर न खरीदें कि वह बहुत महंगा है या किसी बड़े ब्रांड का है. एक मिड-रेंज प्यूरिफायर, जिसमें True HEPA फिल्टर हो, जो पूरे कमरे को ठीक से कवर करता हो और जिसके फिल्टर भी किफायती हों.