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India Daily

बंगाल के नए मुख्यमंत्री के तौर पर सुवेंदु अधिकारी ने ली शपथ, PM मोदी से लेकर शाह तक; कई दिग्गज हुए शामिल

बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने स्वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है. इस समारोह में पीएम मोदी से लेकर देश के तमाम बड़े नेता शामिल हुए हैं.

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Edited By: Reepu Kumari
बंगाल के नए मुख्यमंत्री के तौर पर सुवेंदु अधिकारी ने ली शपथ, PM मोदी से लेकर शाह तक; कई दिग्गज हुए शामिल
Courtesy: ani

कोलकाता: पश्चिन बंगाल के लिए आज का दिन बहुत खास है. राज्य को अपना नया मुख्यमंत्री मिल गया है. बीजेपी से सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. कोलकाता के मशहूर ब्रिगेड परेड ग्राउंड में इस समारोह का आयोजन हुआ. जिसमें NDA के सीनियर नेता, जिनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू और दूसरे लोग शामिल हुए. खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.

सुवेंदु अधिकारी ने ली शपथ

सबसे खास बात ये है कि बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने आजादी के बाद पश्चिम बंगाल के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किया अभिवादन

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए के अन्य वरिष्ठ नेताओं का अभिवादन किया.

सुवेंदु अधिकारी के राज्य मंत्रिमंडल में पांच मंत्रियों को शामिल किया है. अधिकारी के मंत्रिमंडल में काम करने वाले विधायकों में शामिल हैं: दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रमाणिक, क्षुदीराम टुडू और अशोक कीर्तनिया.

 

समर्थकों में जश्न का माहौल

कोलकाता में सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान, भाजपा कार्यकर्ता उनके पारिवारिक आवास के बाहर जश्न मनाने के लिए जमा हुए.

भाजपा द्वारा 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतने और राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन को समाप्त करने के कुछ दिनों बाद, राज्यपाल आरएन रवि ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में अधिकारी और अन्य लोगों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से था नाता

एक समय अधिकारी तत्कालीन मुख्यमंत्री बनर्जी के सहायक के रूप में कार्यरत थे, जब वह तृणमूल कांग्रेस की बागडोर संभाल रही थीं और सत्ता की बागडोर उनके हाथों में थी. अब, अधिकारी उसी आरामदायक कुर्सी पर काबिज हो गए हैं, जिस पर कभी वही व्यक्ति विराजमान हुआ करता था, जिसके वह सहायक थे.