59 साल बाद 'अविभाजित बंगाल' पर एक ही पार्टी का कब्जा, बिहार और ओडिशा के बाद अब बंगाल में भी बीजेपी सरकार
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के 15 साल पुराने शासन के अंत के साथ ही भारतीय राजनीति में एक ऐतिहासिक संयोग बना है. 1967 के बाद यह पहला अवसर है जब बंगाल, बिहार और ओडिशा में एक ही दल, बीजेपी की सरकारें सत्तासीन हुई हैं.
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के हालिया चुनावी नतीजों ने राज्य की राजनीतिक दिशा पूरी तरह बदल दी है. सामरिक और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण इस राज्य से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की विदाई हो गई है और ममता बनर्जी का 15 वर्षों का मुख्यमंत्री के रूप में सफर थम गया है. बंगाल की यह जीत केवल एक राज्य का सत्ता परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह देश की राजनीति में बढ़ते भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दबदबे को भी रेखांकित करती है.
राजनैतिक दृष्टिकोण से इसे एक गजब का संयोग माना जा रहा है. 1967 के बाद यह पहला मौका है जब बिहार, ओडिशा और बंगाल- तीनों राज्यों में एक ही दल की सरकार होगी. वर्तमान में बिहार और ओडिशा में 'भगवा पार्टी' का शासन है, जबकि बंगाल में अब बीजेपी ने सरकार बनाने के लिए बहुमत हासिल कर लिया है. गौरतलब है कि आजादी के बाद जब देश में कांग्रेस का वर्चस्व था, तब इन तीनों राज्यों में एक साथ कांग्रेस की सरकारें थीं, लेकिन 1967 के बाद अब 59 सालों के लंबे अंतराल के बाद बीजेपी ने यह उपलब्धि हासिल की है.
अविभाजित बंगाल पर अब बीजेपी का कब्जा
इतिहास के पन्नों को पलटें तो कभी बिहार और ओडिशा भी बंगाल का ही हिस्सा हुआ करते थे. ब्रिटिश शासन के दौरान 22 मार्च 1912 को बंगाल से अलग कर 'बिहार और उड़ीसा' नाम का नया प्रांत बनाया गया था. इसके बाद 1 अप्रैल 1936 को इस प्रांत को विभाजित कर ओडिशा और बिहार को अलग-अलग राज्य बना दिया गया. 1947 के भारत विभाजन के समय बंगाल दो हिस्सों (पश्चिम बंगाल और पूर्वी पाकिस्तान) में बंटा और साल 2000 में बिहार से अलग होकर झारखंड अस्तित्व में आया. इस लिहाज से देखें तो अब पूरे अविभाजित बंगाल क्षेत्र पर बीजेपी ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है.
ओडिशा और बिहार में भी बदला सियासी मिजाज
बंगाल की तरह ही बीजेपी ने ओडिशा में नवीन पटनायक के बीजू जनता दल (BJD) के एकछत्र शासन का अंत कर सत्ता प्राप्त की. वहीं बिहार में, जहां 2005 के बाद से बीजेपी अधिकांश समय सत्ता में रही, वहां पहली बार पार्टी ने अपना मुख्यमंत्री बनाया है. सम्राट चौधरी वर्तमान में बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की बागडोर संभाल रहे हैं, जिन्होंने नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल के बाद यह पद संभाला है.