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'मेरी बेटी पूरे बंगाल में कमल खिलाएगी,' RG Kar पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ जीत की कगार पर

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में पानीहाटी चर्चा का विषय बनी हुई है. इसका कारण आरजी कर मामले की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ भाजपा उम्मीदवार के रूप में टीएमसी पर भारी बढ़त बनाए हुए हैं.

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Ashutosh Rai

पश्चिम बंगाल के नतीजों ने पूरे भारत को चौंका कर रख दिया है. भारतीय जनता पार्टी की जीत लगभग तय हो गई है. इन परिणामों के बीच एक सीट पर सबका ध्यान लगातार जा रहा हैं. उत्तरी 24 परगना जिले की पानीहाटी विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में एक बड़ा नाम बन गई है. इसका कारण आरजी कर मामले की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ है. वह भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार बनकर मैदान में उतरी. उनका मुकाबला टीएमसी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष से है. तीर्थंकर मौजूदा विधायक के बेटे हैं. देबनाथ ने सीट पर बड़ी बढ़त बना ली है. इससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है. 

रत्ना देबनाथ का पहला बयान

आरजी कर मेडिकल कॉलेज में रेप और हत्या की शिकार हुई पीड़िता की मां और भाजपा की रत्ना देबनाथ, मतगणना के दिन पहली बार सामने आईं. उन्होंने पानीहाटी के एक मतगणना केंद्र से जीत का निशान दिखाया. रत्ना देबनाथ ने कहा कि, "मेरी बेटी पूरे बंगाल में कमल खिलाएगी."

इंसाफ की लड़ाई

रत्ना देबनाथ कोई आम राजनेता नहीं हैं. वह उस ट्रेनी डॉक्टर की मां हैं, जिसके साथ 9 अगस्त 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज में बलात्कार और हत्या की गई थी. न्याय के लिए कई बार गुहार लगाने बाद भी जब उनको कोई मदद नहीं मिली. इसके बाद उन्होंने खुद ही अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए चुनावी अखाड़े में कदम रखा. इसके साथ ही उन्होंने प्रण लिया कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वह अपने बाल नहीं संवारेंगी. उनका पूरा चुनाव प्रचार महिलाओं की सुरक्षा, न्यायिक जवाबदेही और पश्चिम बंगाल में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर केंद्रित रहा है.

जनता का समर्थन

चुनाव प्रचार के दौरान रत्ना देबनाथ को आम जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है. उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया, तो पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी उनके साथ मौजूद थी. स्मृति ईरानी ने उन्हें महिलाओं के अदम्य साहस का प्रतीक बताया और टीएमसी के गुंडों पर उन्हें परेशान करने का गंभीर आरोप लगाया. रत्ना देबनाथ का स्पष्ट कहना है कि वह अपनी बेटी को खो चुकी हैं, लेकिन अब एक प्रतिनिधि बनकर उसकी अधूरी सेवा को आगे बढ़ाना चाहती हैं.

जीत की ओर कदम

वोटों की गिनती के शुरुआती और स्पष्ट रुझानों के अनुसार, रत्ना देबनाथ अपनी जीत की ओर तेजी से आगे बढ़ रही हैं. अब तक हुई मतगणना में उन्हें कुल 56,167 वोट मिल चुके हैं. वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी टीएमसी के तीर्थंकर घोष 35,704 वोटों पर ही सिमटे हुए हैं. इस तरह देबनाथ ने 20,463 वोटों की एक बढ़त हासिल कर ली है. पांच बार के विधायक के बेटे के खिलाफ यह प्रदर्शन साबित करता है कि जनता पूरी तरह उनके साथ है.