'रन फॉर योगा' कार्यक्रम का आयोजन, सीएम धामी बोले-' योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि संतुलित मन और सकारात्मक जीवन का आधार'

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग और आध्यात्म की भूमि रही है. यहां ऋषि-मुनियों ने तपस्या की और योग की प्राचीन परंपरा को आगे बढ़ाया. प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण योग अभ्यास के लिए सबसे उपयुक्त है.

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देहरादून: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में देहरादून पुलिस लाइन में शुक्रवार को 'रन फॉर योगा' कार्यक्रम का आयोजन किया गया. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और रन में दौड़कर योग के संदेश को मजबूती दी.

'योग को आम लोगों तक पहुंचाने का बड़ा अभियान'

सीएम धामी ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक दौड़ नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवन, सकारात्मक सोच और योग को आम लोगों तक पहुंचाने का बड़ा अभियान है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नियमित रूप से योग करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं. मुख्यमंत्री ने योग को शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का आधार बताया. 

योग से जुड़ी उत्तराखंड की पहचान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग और आध्यात्म की भूमि रही है. यहां ऋषि-मुनियों ने तपस्या की और योग की प्राचीन परंपरा को आगे बढ़ाया. प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण योग अभ्यास के लिए सबसे उपयुक्त है. योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की वैज्ञानिक पद्धति है जो तनाव कम करती है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती है.

पीएम मोदी का योगदान

सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र में योग प्रस्ताव पास हुआ और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया. आज पूरी दुनिया के 190 से ज्यादा देशों में करोड़ों लोग योग कर रहे हैं. यह भारत की प्राचीन संस्कृति की वैश्विक स्वीकार्यता है.

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक विनोद चमोली, देहरादून मेयर सौरभ थपलियाल, आयुष सचिव रंजना राजगुरु, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेंद्र डोभाल समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में योग प्रेमी नागरिक मौजूद रहे.