उत्तराखंड सरकार की हालिया कैबिनेट बैठक लाखों कर्मचारियों, पेंशनरों और उपनल कर्मियों के लिए कई अहम सौगातें लेकर आई है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में ऐसे फैसले लिए गए हैं, जिनका सीधा असर सरकारी कर्मचारियों, राज्य आंदोलनकारियों और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े लाभार्थियों पर पड़ेगा. खास तौर पर उपनल कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन और गोल्डन कार्ड योजना को वित्तीय सहायता देने के निर्णय को बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है.
कैबिनेट बैठक में कुल 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इनमें उपनल कर्मचारियों के लिए नई कट-ऑफ तिथि तय करना, गोल्डन कार्ड योजना के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना और राज्य आंदोलनकारियों को आरक्षण लाभ देने जैसे महत्वपूर्ण फैसले शामिल रहे.
सरकार ने समान कार्य-समान वेतन योजना के लिए पात्रता की कट-ऑफ डेट्स बढ़ाकर 15 अक्टूबर 2024 कर दी है. इससे पहले यह तिथि 12 नवंबर 2018 थी. नई व्यवस्था लागू होने के बाद लगभग 16,500 उपनल कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा. यह सुविधा 1 मार्च 2026 से प्रभावी होगी और कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से इसके दायरे में लाया जाएगा.
कर्मचारी और पेंशनर्स लंबे समय से गोल्डन कार्ड योजना में आ रही आर्थिक परेशानियों को दूर करने की मांग कर रहे थे. अस्पतालों का बकाया भुगतान न होने के कारण कई संस्थानों ने योजना के तहत इलाज देना सीमित कर दिया था. अब सरकार ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को 100 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है, जिससे अस्पतालों के बकाया भुगतान में मदद मिलेगी और योजना को फिर से सुचारु रूप से संचालित किया जा सकेगा.
कैबिनेट ने राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को भी राहत दी है. अगस्त 2024 से नवंबर 2024 के बीच हुई कुछ सरकारी भर्तियों में आरक्षण प्रमाणपत्र प्रस्तुत न कर पाने वाले पात्र अभ्यर्थियों को अब एक विशेष अवसर दिया जाएगा. वे दस्तावेज सत्यापन के दौरान अपना प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर आरक्षण का लाभ प्राप्त कर सकेंगे.
बैठक में लंबे समय से लंबित किसाऊ बांध परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग पर आभार व्यक्त किया गया. इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूड़ी और अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि भी दी गई.
इन फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार कर्मचारियों, पेंशनरों और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए राहत पहुंचाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है. आने वाले समय में इन निर्णयों का लाभ बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचने की उम्मीद है.