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ऋषिकेश में गंगा तट पर जुटा संसार, परमार्थ निकेतन में कई देशों के राजनयिकों ने किया योग, साध्वी भगवती ने दिया बड़ा संदेश

ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधियों ने योग और ध्यान किया.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
ऋषिकेश में गंगा तट पर जुटा संसार, परमार्थ निकेतन में कई देशों के राजनयिकों ने किया योग, साध्वी भगवती ने दिया बड़ा संदेश
Courtesy: ANI

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. गंगा तट पर हुए इस आयोजन में विभिन्न देशों के राजनयिक, प्रतिनिधि और योग साधक शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान योग, ध्यान और मानवता को जोड़ने वाले संदेश पर विशेष जोर दिया गया.

गंगा तट पर जुटे दुनिया भर के प्रतिनिधि

ऋषिकेश में मां गंगा के पवित्र तट पर आयोजित योग दिवस कार्यक्रम ने एक बार फिर योग की वैश्विक पहचान को मजबूत किया. परमार्थ निकेतन में आयोजित इस आयोजन में कई देशों के राजदूत, उच्चायुक्त, काउंसलर और अन्य प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि योग किसी एक देश, धर्म या संस्कृति तक सीमित नहीं है, यह पूरी मानवता को जोड़ने का माध्यम है. कार्यक्रम में शामिल लोगों ने एक साथ बैठकर योगाभ्यास किया और स्वास्थ्य, शांति तथा संतुलित जीवन का संदेश दिया. आयोजन का माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भरपूर रहा.

योग को जीवनशैली बनाने का लिया संकल्प

कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल का अभ्यास किया. इसके बाद गंगा तट पर सामूहिक ध्यान भी किया गया. साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि योग केवल कुछ समय के लिए किया जाने वाला अभ्यास नहीं है, इसे जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है. उन्होंने लोगों से अपील की कि योग को केवल योग मैट तक सीमित न रखें, अपने व्यवहार, सोच और जीवनशैली में भी उतारें. उनका कहना था कि योग व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बनाता है. आज दुनिया के करोड़ों लोग योग से जुड़ रहे हैं.

विश्व शांति और मानवता के लिए योग का संदेश

साध्वी भगवती सरस्वती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखने का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि योग का उद्देश्य केवल शरीर को स्वस्थ बनाना नहीं है, मन, समाज, राष्ट्र और पूरी दुनिया को बेहतर दिशा देना भी है. कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने हाथ उठाकर यह संकल्प लिया कि वे योग के मूल सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाएंगे. वक्ताओं ने कहा कि योग विश्व शांति, आपसी भाईचारे और स्वस्थ समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण साधन बन चुका है.