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UP की लेडी डॉन ​​जिकरा का खेल हुआ खत्म, नाबालिग मर्डर केस में चढ़ गई पुलिस के हत्थे, पूछताछ में खुल गए परत दर परत

कुणाल की हत्या से पहले ज़िकरा ने अपने नाबालिग गिरोह के सदस्यों को कुणाल की गतिविधियों की टोह लेने का निर्देश दिया था. उसे सूचना मिली कि कुणाल जीटीबी अस्पताल से निकल रहा है, जिसके बाद उसने अपने समूह को संगठित किया. तभी साहिल और दिलशाद ने कथित तौर पर कुणाल पर हमला किया और उसे चाकू घोंपकर मार डाला.

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Edited By: Reepu Kumari
UP की लेडी डॉन ​​जिकरा का खेल हुआ खत्म, नाबालिग मर्डर केस में चढ़ गई पुलिस के हत्थे, पूछताछ में खुल गए परत दर परत
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Seelampur Murder Case: सीलमपुर हत्याकांड में एक बड़ा मोड़ आया है. हत्या की आरोपी लेडी डॉन उर्फ ​​ज़िकरा ने कहा है कि हत्या का मकसद उसके चचेरे भाई पर पिछले हमले का बदला लेना था. बता दें कि ज़िकरा पर 17 साल के लड़के का मर्डर का चार्ज लगा है. जिकरा को 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. अदालत में पुलिस ने तर्क दिया कि हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को बरामद किया जाना चाहिए. हत्या में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुणाल की हत्या के पीछे की वजह नवंबर 2023 की एक घटना है. जब ज़िकरा के चचेरे भाई साहिल पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाया गया था. उस हमले में कथित तौर पर कुणाल के करीबी दोस्त लाला और शंभू शामिल थे. ज़िकरा ने दावा किया कि उस हमले के दौरान कुणाल भी मौजूद था. लेकिन उसका नाम एफआईआर में नहीं लिखा गया क्योंकि उस समय वह नाबालिग था.

हमले की साजिश 

यह मानते हुए कि कुणाल ने पहले हुए हमले की साजिश रची थी. ज़िकरा और साहिल ने कथित तौर पर बदला लेने की योजना बनाई. जांचकर्ताओं के अनुसार, हाल ही में हुई हत्या नवंबर की घटना का बदला लेने के लिए की गई थी जिसमें साहिल बाल-बाल बच गया था.

साहिल और दिलशाद को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. दोनों ही हत्या के बाद से फरार हैं. पुलिस अपनी जांच जारी रखे हुए है और उसने अन्य साथियों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया है.

ज़िकरा से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए

पुलिस पूछताछ में लेडी डॉन ज़िकरा ने कुणाल हत्याकांड में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. जांचकर्ताओं के मुताबिक ज़िकरा आठ से 10 नाबालिग लड़कों को अपना गिरोह बनाने के लिए तैयार कर रही थी. कुणाल की हत्या में इन नाबालिगों की भूमिका अब जांच का अहम हिस्सा है.

ज़िकरा कथित तौर पर इन नाबालिग लड़कों का इस्तेमाल स्थानीय लोगों को धमकाने और सीलमपुर इलाके में अपना वर्चस्व कायम करने के लिए कर रही थी. उसे हथियारों का शौक था और अक्सर उसे लड़कों के अपने समूह के साथ घूमते हुए देखा जाता था.

कुणाल की हत्या से पहले ज़िकरा ने अपने नाबालिग गिरोह के सदस्यों को कुणाल की गतिविधियों की टोह लेने का निर्देश दिया था. उसे सूचना मिली कि कुणाल जीटीबी अस्पताल से निकल रहा है, जिसके बाद उसने अपने समूह को संगठित किया. तभी साहिल और दिलशाद ने कथित तौर पर कुणाल पर हमला किया और उसे चाकू घोंपकर मार डाला.

इसके अलावा, यह भी पता चला है कि ज़िकरा पहले ज़ोया के लिए बाउंसर के रूप में काम कर रही थी. जो वर्तमान में जेल में बंद एक जानी-मानी हस्ती है. पुलिस अन्य आरोपियों का पता लगाने और ज़िकरा द्वारा संचालित आपराधिक नेटवर्क की पूरी सीमा को समझने के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए है.